बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के राममूर्ति नगर इलाके में महिला टेक्की शर्मिला की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि शर्मिला की मौत दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। आरोपी ने पहले महिला के साथ यौन उत्पीड़न की कोशिश की, विरोध करने पर उसकी बेरहमी से पिटाई कर गला दबाकर हत्या कर दी और फिर सबूत मिटाने के लिए घर में आग लगा दी।
इस मामले में पुलिस ने कोडगु जिले के विराजपेटे मूल निवासी 18 वर्षीय कर्नाल कुराई को गिरफ्तार किया है, जो शर्मिला के पड़ोस में रहने वाला पीयूसी छात्र है। पुलिस के अनुसार, 3 जनवरी को आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया और घटना के बाद फरार हो गया था।
मृतका शर्मिला मूल रूप से मंगलुरु के कावूर इलाके की रहने वाली थी और पिछले डेढ़ साल से सुब्रमण्य लेआउट स्थित एक अपार्टमेंट में अपनी सहेली के साथ रह रही थी। वह पास की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत थी। घटना के समय उसकी सहेली छुट्टी पर अपने गांव गई हुई थी, जिससे शर्मिला घर में अकेली थी। आरोपी पड़ोस के फ्लैट में अपनी मां के साथ रहता था और शर्मिला तथा उसकी सहेली को पहले से जानता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि 3 जनवरी की शाम आरोपी ने शर्मिला के घर में अकेले होने का फायदा उठाया। वह स्लाइडिंग खिड़की के जरिए फ्लैट के अंदर घुसा और शर्मिला को जबरन पकड़ लिया। शर्मिला ने विरोध करते हुए जोर-जोर से चिल्लाया और उसे धक्का दिया, लेकिन आरोपी ने जबरदस्ती करने की कोशिश जारी रखी। शर्मिला ने उसे घर से बाहर निकलने की चेतावनी दी, जिससे आरोपी बौखला गया और उस पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान शर्मिला की गर्दन और हाथों पर गंभीर चोटें आईं। इसके बाद आरोपी ने उसका मुंह और नाक दबा दिया, जिससे उसकी सांस रुक गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, कुछ ही क्षणों में शर्मिला के नाक से खून बहने लगा, जो उसके कपड़ों पर गिर गया।
हत्या के बाद आरोपी घबरा गया और खून से सने कपड़ों तथा अन्य वस्तुओं को बिस्तर पर रखकर आग लगा दी, ताकि मामला शॉर्ट सर्किट या आगजनी की दुर्घटना लगे। इसके बाद वह स्लाइडिंग खिड़की के रास्ते फरार हो गया।
शुरुआत में मामले को आग लगने से दम घुटने से हुई मौत माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। मेडिकल रिपोर्ट में साफ तौर पर गर्दन और हाथों पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि शर्मिला की मौत आग के धुएं से नहीं, बल्कि उससे पहले गला दबाने और हिंसक हमले के कारण हुई थी। रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की कोशिश के संकेत भी मिले हैं।
पुलिस ने शुरुआत में आसपास रहने वाले कुछ युवकों से पूछताछ की थी। संदेह के आधार पर जब कर्नाल कुराई को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपराध कबूल कर लिया। आरोपी ने बयान दिया कि उसे शर्मिला से प्रेम था, लेकिन उसके इनकार से वह गुस्से में आ गया और वारदात को अंजाम दे बैठा।
राममूर्ति नगर थाना पुलिस ने अब इस मामले में अस्वाभाविक मौत की जगह हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह मामला एक बार फिर महानगरों में महिलाओं की सुरक्षा और अकेली रहने वाली कामकाजी महिलाओं के प्रति बढ़ते खतरे को उजागर करता है।



