तमिलनाडु के त्रिची जिले से एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की के साथ चार वर्षों तक लगातार यौन शोषण किए जाने का आरोप है। इस मामले में त्रिची पुलिस ने कुल 15 लोगों के खिलाफ POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें पीड़िता की मां और दादा का नाम भी शामिल है।
यह प्राथमिकी 7 जनवरी को श्रीरंगम ऑल वुमन पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई। मामला जिला बाल संरक्षण अधिकारी पी. रघुल गांधी द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पंजीबद्ध किया गया। इस केस की जांच ऑल वुमन पुलिस स्टेशन की निरीक्षक सेल्वामलर कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला वर्ष 2021 से लंबित था, लेकिन उस समय प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी। हाल ही में लंबित मामलों की फाइलों की समीक्षा के दौरान यह प्रकरण सामने आया, जिसके बाद तत्काल एफआईआर दर्ज की गई।
एफआईआर के मुताबिक, पीड़िता, जिसकी वर्तमान आयु 15 वर्ष है, को 1 जनवरी 2021 से जनवरी 2025 के बीच त्रिची और करूर जिलों में बार-बार यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया गया। आरोप है कि इस अवधि में कई लोगों ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म और गंभीर यौन शोषण किया।
पुलिस ने बताया कि लगातार यौन शोषण के कारण पीड़िता गर्भवती हो गई थी। 14 जून 2023 को उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने एक पुरुष शिशु को जन्म दिया। हालांकि, परिवार ने बच्चे को अपनाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद नवजात को बाल कल्याण समिति (CWC) के सुपुर्द कर दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़िता की मां और दादा को इस यौन शोषण की जानकारी थी, इसके बावजूद उन्होंने मामले की सूचना पुलिस या किसी भी सक्षम प्राधिकरण को नहीं दी। इसी आधार पर दोनों को अपराध छुपाने और रिपोर्ट न करने के आरोप में भी नामजद किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 450, भारतीय न्याय संहिता की धारा 87, तथा POCSO अधिनियम की धारा 5(1), 5(n), 5(ii) सहपठित धारा 6(1) और धारा 16 सहपठित धारा 17 के तहत मामला दर्ज किया है।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था पर, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और बाल संरक्षण तंत्र की गंभीर विफलता पर भी सवाल खड़े करता है। चार वर्षों तक एक नाबालिग के साथ हो रहे अत्याचार का सामने न आना सिस्टम की गहरी खामियों को उजागर करता है, जिस पर अब सख्त कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है।



