तेलंगाना में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Bandi Sanjay Kumar के बेटे बंदी बगीरथ के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न के आरोप में शुक्रवार रात केस दर्ज किया गया। वहीं दूसरी ओर बंदी बगीरथ की शिकायत पर लड़की और उसके माता-पिता के खिलाफ भी उगाही और धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात लड़की की मां ने हैदराबाद के पेट बशीराबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बंदी बगीरथ पिछले छह महीनों से उनकी बेटी को परेशान कर रहे थे। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि मोइनाबाद स्थित एक फार्म हाउस में आरोपी ने लड़की के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया।
शिकायत में कहा गया कि लड़की की पहचान हैदराबाद में कुछ साझा दोस्तों के माध्यम से बंदी बगीरथ से हुई थी। आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर लड़की के साथ नजदीकी संबंध बनाए।
पेट बशीराबाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इसी बीच शुक्रवार को इससे पहले बंदी बगीरथ ने करिमनगर II टाउन पुलिस थाने में अलग शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ महीने पहले उनकी पहचान एक लड़की से दोस्ती के नाम पर हुई थी। उन्होंने कहा कि लड़की उन्हें पारिवारिक कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों में बुलाती थी।
बंदी बगीरथ ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि लड़की के परिवार ने बाद में उन पर शादी का दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। शिकायत के अनुसार इसके बाद लड़की और उसके माता-पिता ने कथित रूप से उनसे पैसे की मांग की और झूठा आपराधिक मामला दर्ज कराने की धमकी दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि डर के कारण उन्होंने लड़की के पिता को 50 हजार रुपये दिए थे, लेकिन बाद में उनसे 5 करोड़ रुपये की मांग की गई। शिकायत में यह भी कहा गया कि रकम नहीं देने पर लड़की आत्महत्या करने की धमकी दे रही थी।
करिमनगर II टाउन पुलिस ने बंदी बगीरथ की शिकायत पर लड़की और उसके माता-पिता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(5) (उगाही), 351(2) (आपराधिक धमकी), 61(2) (आपराधिक साजिश) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
दोनों मामलों में पुलिस अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार शिकायतों में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



