बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम गुरेदा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर कई ग्रामीण परिवारों के लिए राहत और खुशी लेकर आया। सुशासन तिहार 2026 के तहत लगाए गए इस शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को उनके पूर्ण हुए मकानों का प्रमाण पत्र सौंपा गया। इनमें ग्राम गुरेदा की श्रीमती उर्मिला कुम्भकार भी शामिल रहीं, जिन्हें अपने पक्के घर का पूर्णता प्रमाण पत्र मिला।
शिविर में प्रमाण पत्र मिलने के बाद उर्मिला कुम्भकार ने बताया कि यह उनके लिए लंबे समय से देखे गए एक सपने के पूरा होने जैसा है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक कच्चे मकान में रहने के बाद अब उन्हें अपना पक्का घर मिल गया है। वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें स्वीकृति मिली थी, जिसके बाद आवास निर्माण का काम शुरू हुआ।
उर्मिला ने बताया कि योजना के तहत किश्तें समय-समय पर मिलने से निर्माण कार्य पूरा करने में सुविधा हुई। अब मकान तैयार होने के बाद उन्हें आवास पूर्णता प्रमाण पत्र भी मिल गया है, जिससे परिवार को स्थायी आवास की सुविधा मिली है।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें सिर्फ आवास योजना ही नहीं, बल्कि शासन की अन्य योजनाओं का भी लाभ मिला है। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत उन्हें सिलाई मशीन उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे घर पर सिलाई का काम कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। इसके अलावा महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें हर महीने आर्थिक सहायता भी मिल रही है, जिससे घरेलू खर्च में मदद मिलती है।
ग्राम गुरेदा में आयोजित शिविर के दौरान अधिकारियों ने अन्य हितग्राहियों को भी योजनाओं से जुड़े प्रमाण पत्र सौंपे। उर्मिला कुम्भकार के साथ चंदुलाल और घसिया बाई को भी आवास पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में दुर्ग संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, आईजी अभिषेक शांडिल्य और कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा मौजूद रहीं। अधिकारियों ने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र सौंपते हुए योजनाओं के लाभ की जानकारी भी दी।
सुशासन तिहार के तहत लगाए जा रहे ऐसे शिविरों में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान और लाभ देने की कोशिश की जा रही है। गुरेदा शिविर में भी आवास, आजीविका और महिला हित से जुड़ी योजनाओं के लाभार्थियों को राहत मिली।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब शिविरों के जरिए गांव में ही कई काम पूरे हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इसे ग्रामीण परिवारों के लिए सुविधा और राहत से जोड़कर देखा जा रहा है।



