जशपुर सियान गुड़ी वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा, फिजियोथेरेपी, सामाजिक गतिविधियों और देखभाल का महत्वपूर्ण केंद्र बन रही है। जिले में अब तक 94 बुजुर्ग पंजीकृत होकर इसका लाभ ले रहे हैं।
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जशपुर सियान गुड़ी जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सिर्फ एक केंद्र नहीं, बल्कि दिनभर की गतिविधियों, स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक जुड़ाव का ऐसा स्थान बनकर उभर रही है, जहां बुजुर्गों को नियमित देखभाल और आत्मीय माहौल मिल रहा है। समाज कल्याण विभाग की इस पहल के तहत संचालित जशपुर सियान गुड़ी में अब तक 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत हो चुके हैं और लगातार लोग इससे जुड़ रहे हैं।
जिले में बुजुर्गों की देखभाल को लेकर शुरू की गई यह व्यवस्था अब स्थानीय स्तर पर असर दिखा रही है। विभागीय जानकारी के मुताबिक, पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों में से 32 बुजुर्गों को नियमित रूप से फिजियोथेरेपी की सुविधा दी जा रही है। जो बुजुर्ग लंबे समय से जोड़ों के दर्द, चलने-फिरने में परेशानी या अन्य शारीरिक दिक्कतों से जूझ रहे थे, उन्हें इस सुविधा से राहत मिल रही है।
जशपुर सियान गुड़ी में हाल ही में जिला अस्पताल की विशेषज्ञ टीम भी पहुंची। इस टीम में चिकित्सा अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, साइकेट्रिक नर्स और लैब तकनीशियन शामिल थे। टीम ने सियान गुड़ी और नशामुक्ति केंद्र के हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। रक्त जांच के साथ-साथ बुजुर्गों को जरूरी चिकित्सकीय सलाह भी दी गई।
स्वास्थ्य जांच के दौरान सिर्फ शारीरिक बीमारी तक बात सीमित नहीं रही, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया गया। विशेषज्ञों ने बुजुर्गों को काउंसिलिंग दी और मानसिक तनाव, अकेलेपन तथा व्यवहार संबंधी समस्याओं पर चर्चा कर आवश्यक परामर्श दिया। अधिकारियों का कहना है कि बुजुर्गों की देखभाल में मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जशपुर सियान गुड़ी की खास बात यह है कि यहां सिर्फ इलाज या स्वास्थ्य सुविधा ही नहीं, बल्कि सामाजिक गतिविधियों के जरिए बुजुर्गों को सक्रिय रखने की कोशिश भी की जा रही है। केंद्र में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से वरिष्ठ नागरिक पहुंचते हैं और दिनभर अलग-अलग मनोरंजक, सामाजिक और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों में भाग लेते हैं।
केंद्र से जुड़े लोगों के मुताबिक, बुजुर्ग यहां एक-दूसरे से मिलते हैं, बातचीत करते हैं और सामूहिक गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं, जिससे अकेलेपन की भावना कम होती है। दिनभर की गतिविधियों के बाद शाम 6 बजे सभी पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की उपस्थिति में सुंदरकांड का पाठ भी किया जाता है। इससे केंद्र में आध्यात्मिक और शांत माहौल बनता है।
जशपुर सियान गुड़ी से लाभ लेने वाले कई वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि यह केंद्र उनके लिए सिर्फ सुविधा का स्थान नहीं, बल्कि ऐसा माहौल है जहां उन्हें सम्मान और अपनापन महसूस होता है। कुछ बुजुर्गों ने कहा कि घर में अकेले रहने की तुलना में यहां समय बिताने से मानसिक राहत मिलती है और नियमित स्वास्थ्य देखभाल भी हो जाती है।
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में बुजुर्गों के लिए ऐसी सुविधाओं को और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। विभाग ने जिले के अन्य वरिष्ठ नागरिकों से भी अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में जशपुर सियान गुड़ी पहुंचकर इस सुविधा का लाभ लें।
बदलते सामाजिक ढांचे में जहां बुजुर्गों के लिए सामुदायिक देखभाल की जरूरत बढ़ रही है, वहां जशपुर सियान गुड़ी जैसी पहल स्थानीय स्तर पर एक उपयोगी मॉडल के रूप में देखी जा रही है। स्वास्थ्य, सामाजिक जुड़ाव और दिनचर्या आधारित गतिविधियों के जरिए यह केंद्र बुजुर्गों के लिए सहारा बनता नजर आ रहा है।



