आरंग मारपीट मामला बुधवार को उस वक्त फिर चर्चा में आ गया, जब पूर्व सरपंच बाल कुमार कुर्रे से मारपीट के आरोप में फरार चल रहे गोल्डी शर्मा और अभिजीत शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को रायपुर एयरपोर्ट से हिरासत में लेने के बाद माना थाना लाया गया, जहां पूछताछ के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया। पूरा मामला आरंग थाना क्षेत्र से जुड़ा है और घटना के बाद इलाके में काफी तनाव का माहौल बन गया था।
आरंग मारपीट मामला 14-15 मई की रात सामने आया था। आरोप है कि ग्राम गुदगुदा के पूर्व सरपंच बाल कुमार कुर्रे पर मवेशी तस्करी का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट की। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया और सतनामी समाज में नाराजगी फैल गई।
वीडियो वायरल होने के बाद 16 मई को बड़ी संख्या में सतनामी समाज के लोग आरंग थाना पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की थी। मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिषेक कुमार झा, डीएसपी लंबोदर पटेल सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
आरंग मारपीट मामला में समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों पर कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की थी। मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज किया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की और तकनीकी निगरानी बढ़ा दी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरंग मारपीट मामला में साइबर सेल और एसीसीयू की मदद भी ली गई। आरोपियों की संभावित लोकेशन और मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान इनपुट मिलने पर रायपुर एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई गई, जहां से गोल्डी शर्मा और अभिजीत शर्मा को हिरासत में लिया गया।
डीएसपी लंबोदर पटेल ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी और तकनीकी इनपुट के आधार पर उन्हें पकड़ा गया। पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
आरंग मारपीट मामला में पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने साफ किया कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की हिंसा और गुंडागर्दी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रशासन ने सतनामी समाज के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम ने आरंग क्षेत्र में सामाजिक और कानून व्यवस्था से जुड़े सवाल भी खड़े किए हैं। घटना के वीडियो वायरल होने के बाद मामला सिर्फ स्थानीय विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रिया भी सामने आई। ऐसे में आरंग मारपीट मामला अब पुलिस कार्रवाई और सामाजिक संवेदनशीलता दोनों वजहों से चर्चा में बना हुआ है।



