जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से सामने आया एक सनसनीखेज चोरी का मामला अब महज आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि इसने सरकारी अधिकारियों की संपत्ति और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज के घर हुई बड़ी चोरी का मास्टरमाइंड उनकी ही 21 वर्षीय भतीजी मीनल निकुंज निकली है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मीनल ने अपने बॉयफ्रेंड और तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने ही मामा के घर से करोड़ों की संपत्ति पर हाथ साफ किया।
पुलिस के अनुसार, इस सुनियोजित चोरी में आरोपियों ने ₹20 लाख नकद, लगभग ₹5 करोड़ मूल्य के सोने के जेवरात, चांदी के आभूषण, कई आईफोन और एक लग्जरी टाटा हैरियर SUV चोरी की। चोरी के बाद आरोपी इस संपत्ति को अलग-अलग स्थानों पर ले गए और इसका इस्तेमाल महंगी पार्टियों, ब्रांडेड खरीदारी और घूमने-फिरने में किया गया।
मामले में पुलिस ने मीनल निकुंज, उसके प्रेमी और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी पांचों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की योजना, संपत्ति को ठिकाने लगाने और खर्च करने की बात स्वीकार की है।
जांच के दौरान मामला तब और गंभीर हो गया, जब पुलिस को जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज के घर से करीब 4 किलो सोना बरामद हुआ। हैरानी की बात यह है कि इस सोने का उल्लेख प्रारंभिक एफआईआर में नहीं किया गया था। इस खुलासे के बाद यह आशंका गहराने लगी है कि सोने की वास्तविक मात्रा और संपत्ति की जानकारी जानबूझकर छिपाई गई थी।
अब तक की जांच में पुलिस ने कुल ₹51.82 लाख की संपत्ति बरामद की है, जिसमें सोने की बिस्किट, नकदी, मोबाइल फोन और चोरी की गई SUV शामिल है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि शेष संपत्ति की बरामदगी और उसके स्रोत को लेकर जांच अभी जारी है।
इस प्रकरण ने प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। सवाल उठ रहे हैं कि एक सरकारी अधिकारी के आवास में इतनी बड़ी मात्रा में सोना और नकद राशि कैसे रखी गई और क्या यह संपत्ति आधिकारिक रूप से घोषित थी। मामले ने आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार की आशंकाओं को जन्म दिया है।
जशपुर RTO चोरी कांड को लेकर आम जनता में भारी नाराजगी देखी जा रही है। नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने सरकारी अधिकारियों की संपत्ति की पारदर्शी जांच, स्वतंत्र एजेंसी से पूरे मामले की पड़ताल और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि इस मामले में केवल चोरी तक जांच सीमित रही और छिपी संपत्ति के स्रोत की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह शासन व्यवस्था पर जनता के भरोसे को और कमजोर करेगा।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन इस मामले की कई कोणों से जांच कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकेगा कि यह मामला सिर्फ पारिवारिक विश्वासघात तक सीमित है या फिर इसके तार कहीं गहरे भ्रष्टाचार से जुड़े हैं।



