रायपुर। राजधानी रायपुर में फर्जी क्रिप्टो करेंसी और शेयर ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कुलदीप भाटपहाड़ी के रूप में हुई है, जो महज छठवीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है, लेकिन खुद को शेयर बाजार और क्रिप्टो निवेश का विशेषज्ञ बताकर लोगों को जाल में फंसाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी ने कम से कम 26 लोगों से करीब 1 करोड़ 35 लाख 14 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है।
यह मामला मोवा–पंडरी थाना क्षेत्र का है, जहां दिसंबर 2024 में एक के बाद एक कई निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि आरोपी अचानक संपर्क से बाहर हो गया और निवेश पर मिलने वाली रकम तथा ब्याज का भुगतान बंद कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि कुलदीप भाटपहाड़ी ने खुद को आईपीओ ट्रेडिंग, एनएसई, एमएसईआई और सीडीएसएल से जुड़ा अनुभवी निवेश सलाहकार बताकर लोगों का भरोसा जीता। उसने “मंथली केबी प्लान” नाम की एक स्कीम चलाई, जिसमें हर महीने तय ब्याज और सुनिश्चित मुनाफे का लालच दिया जाता था। शुरुआत में आरोपी ने कुछ निवेशकों को छोटा रिटर्न देकर विश्वास कायम किया और फिर उन्हीं के माध्यम से नए निवेशक जोड़ता गया।
पंडरी निवासी अमित दास ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2021–22 के दौरान उसकी मुलाकात कुलदीप से हुई थी। भरोसे में आने के बाद अमित और उसके भाई ने ऑनलाइन और नकद माध्यम से करीब 15.60 लाख रुपये का निवेश किया। इसी तरह अन्य कई मध्यमवर्गीय लोगों को भी बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
जैसे-जैसे निवेश की राशि बढ़ती गई, आरोपी ने भुगतान में देरी शुरू कर दी और अंततः पूरी तरह गायब हो गया। इसके बाद पंडरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के साथ मिलकर संयुक्त अभियान शुरू किया। तकनीकी निगरानी, मुखबिरों की सूचना और लगातार दबिश के बाद आरोपी को कई महीनों की फरारी के बाद गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने 26 लोगों से ठगी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक कंप्यूटर सिस्टम, एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका उपयोग वह लेन-देन के रिकॉर्ड बनाने, निवेशकों से संपर्क करने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में करता था। डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है, जिससे अन्य पीड़ितों और संभावित सहयोगियों की पहचान की जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। वह पहले भी टिकरापारा थाना क्षेत्र में दर्ज एक ठगी के मामले में जेल जा चुका है, जिससे उसके खिलाफ वित्तीय अपराधों का पैटर्न स्पष्ट होता है।
फिलहाल पुलिस पूरे धन प्रवाह की जांच कर रही है और ठगी की रकम की रिकवरी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अधिक मुनाफे का लालच देने वाली किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले संबंधित व्यक्ति और संस्था की पूरी जांच अवश्य करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।



