थंजावुर। तमिलनाडु के थंजावुर जिले से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां सरकारी थंजावुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पदस्थ 35 वर्षीय डॉक्टर को नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोप में POCSO अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई थंजावुर ऑल वुमन पुलिस स्टेशन की टीम द्वारा की गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी डॉक्टर अस्पताल में हाउस सर्जन और ड्यूटी डॉक्टर के रूप में कार्यरत था। पीड़िता 15 वर्षीय लड़की अपने बीमार भाई के इलाज के दौरान अस्पताल में बतौर अटेंडेंट मौजूद थी। आरोप है कि इसी दौरान रात के समय अस्पताल के वार्ड में डॉक्टर ने उसके साथ अशोभनीय व्यवहार किया और यौन उत्पीड़न किया।
घटना के बाद नाबालिग लड़की ने शोर मचाया और परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके तुरंत बाद परिवार ने थंजावुर ऑल वुमन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिक जांच की, जिसमें आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया। इसके बाद आरोपी डॉक्टर के खिलाफ POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अस्पताल प्रशासन को भी इस संबंध में सूचित किया गया, जिसके बाद आरोपी डॉक्टर को सेवा से निलंबित कर दिया गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशानुसार जारी रहेगी।
यह मामला एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों, विशेषकर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



