पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग (आईपीएस), बिलासपुर रेंज द्वारा सोमवार को थाना सिविल लाइन, थाना तोरवा एवं रक्षित केंद्र बिलासपुर का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य थाना स्तर पर पुलिसिंग की गुणवत्ता, अभिलेखों के संधारण, जन-व्यवहार तथा तकनीकी संसाधनों के उपयोग की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।
निरीक्षण के दौरान उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (आईपीएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर), नगर पुलिस अधीक्षक तथा प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। आईजी श्री गर्ग ने थानों में दर्ज अपराधों की स्थिति, विवेचना की प्रगति, लंबित प्रकरणों और शिकायत निवारण की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि आम नागरिकों से व्यवहार में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और कानूनसम्मत कार्यवाही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
आईजी ने कहा कि पुलिस की छवि जन-व्यवहार से बनती है और थाने आने वाला प्रत्येक नागरिक सम्मान और सुरक्षा की भावना लेकर लौटे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने महिला, वरिष्ठ नागरिक और कमजोर वर्ग से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया।
रक्षित केंद्र बिलासपुर के निरीक्षण के दौरान आईजी ने शस्त्रागार, वाहन रख-रखाव, पुलिस बल की तैयारियों तथा अभिलेखों के संधारण की स्थिति देखी। उन्होंने रिकॉर्ड प्रबंधन को सुव्यवस्थित रखने, डिजिटल माध्यमों के अधिकतम उपयोग और नियमित अद्यतन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए श्री गर्ग ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में अनुभव और सशक्त मानव संसाधन के साथ तकनीकी दक्षता का समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सीसीटीएनएस, ई-रिकॉर्ड, निगरानी प्रणालियों और डिजिटल टूल्स के प्रभावी उपयोग से पुलिस को अधिक सक्षम और जवाबदेह बनाने की बात कही।
निरीक्षण के दौरान आईजी ने थाना परिसरों की स्वच्छता, व्यवस्थाओं और आमजन के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि थानों में अनुशासन, समयबद्धता और पेशेवर आचरण बनाए रखा जाए तथा उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने आश्वस्त किया कि निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का शीघ्र और प्रभावी रूप से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर पुलिस जनसुरक्षा, अपराध नियंत्रण और भरोसेमंद पुलिसिंग के लिए प्रतिबद्ध है।
औचक निरीक्षण से थाना स्तर पर कार्यरत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों में सतर्कता बढ़ी है और पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



