राजधानी रायपुर में तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को पश्चिम बंगाल फरार होने से पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त उत्तर ज़ोन के निर्देश पर गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में की गई। आरोपियों पर खुद को तांत्रिक बताकर रकम को 100 गुना करने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की पूरी नकद रकम 3 लाख 50 हजार रुपये भी बरामद कर ली है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान राहुल भारती और मयंक दास के रूप में हुई है। दोनों आरोपी लंबे समय से तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर लोगों को भ्रमित कर उनसे बड़ी रकम ऐंठने की कोशिश कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित जांच शुरू की और आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि दोनों आरोपी ठगी की रकम लेकर राज्य से बाहर भागने की तैयारी कर रहे हैं।
सूचना के आधार पर गुढ़ियारी थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके में घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास से वही नकद रकम मिली, जो पीड़ित से ठगी गई थी। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे तंत्र-मंत्र और चमत्कार के नाम पर लोगों को लालच देकर ठगी करते थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की ठगी के मामलों में आरोपी अक्सर धार्मिक आस्था और अंधविश्वास का फायदा उठाते हैं। आमतौर पर ऐसे मामलों में पीड़ित लोग शुरुआत में शिकायत दर्ज कराने से हिचकिचाते हैं, जिससे आरोपी लंबे समय तक सक्रिय रहते हैं। इस प्रकरण में समय पर शिकायत मिलने से पुलिस को त्वरित कार्रवाई का मौका मिला।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इससे पहले किन-किन लोगों को ठगी का शिकार बनाया है और क्या इस गिरोह से अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं।
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा चमत्कार, तंत्र-मंत्र या रकम बढ़ाने जैसे दावों पर भरोसा न करें और इस तरह की गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि अंधविश्वास के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



