कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे में पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई घटना के चार दिन बाद हुई, जब आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें सक्रिय थीं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जमानत मिल गई।
जानकारी के अनुसार, 8 फरवरी को कानपुर के ग्वालटोली क्षेत्र स्थित VIP रोड पर एक हाई-प्रोफाइल लग्जरी कार दुर्घटना हुई थी। करीब ₹10 करोड़ मूल्य की लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो कार तेज़ रफ्तार में अनियंत्रित होकर पहले एक ऑटो, फिर एक बाइक सहित अन्य वाहनों और पैदल यात्रियों को टक्कर मारती चली गई। इस हादसे में कम से कम छह लोग घायल हुए थे, जिनमें कुछ की स्थिति गंभीर बताई गई थी।
घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज और पुलिस की प्रारंभिक जांच में दावा किया गया कि दुर्घटना के समय कार की ड्राइविंग सीट पर शिवम मिश्रा मौजूद था। पुलिस ने इसी आधार पर आरोपी के विरुद्ध नामजद FIR दर्ज की। हालांकि मामले के शुरुआती दिनों में आरोपी पक्ष की ओर से यह दावा किया गया था कि वाहन शिवम नहीं, बल्कि उनका ड्राइवर मोहन चला रहा था।
पुलिस ने चार दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर आरोपी की तलाश की। पुलिस सूत्रों के अनुसार अंततः शिवम मिश्रा को उनके घर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अदालत से न्यायिक हिरासत की मांग की, लेकिन सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आरोपी को ₹20,000 के निजी मुचलके पर जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने आरोपी को जांच में सहयोग करने का निर्देश भी दिया है।
मामले में अब ड्राइविंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पुलिस CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयानों का हवाला दे रही है, जबकि बचाव पक्ष का कहना है कि शिवम मिश्रा दुर्घटना के समय वाहन नहीं चला रहे थे और उन्हें गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है।
पुलिस द्वारा विभिन्न डिजिटल, तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें जांच के परिणाम पर टिकी हैं।



