रायपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 36 लाख 50 हजार रुपये के गबन के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रार्थी के दोस्त और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में घटना के कुछ ही घंटों के भीतर पूरे मामले का खुलासा करते हुए गबन की संपूर्ण राशि बरामद कर ली गई है।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ज्ञानप्रकाश पांडे ने सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके साथ 36 लाख 50 हजार रुपये का गबन किया गया है। शिकायत मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। प्रारंभिक जांच में लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर संदेह प्रार्थी के करीबी मित्र नितिन सोनी पर गया।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी नितिन सोनी लंबे समय से आर्थिक संकट और कर्ज की समस्या से जूझ रहा था। इसी कारण उसने अपने परिचित ज्ञानप्रकाश पांडे का विश्वास जीतकर योजनाबद्ध तरीके से रकम का गबन किया। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ के आधार पर नितिन सोनी और उसके एक साथी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने गबन की वारदात स्वीकार की।
पुलिस टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर गबन की पूरी रकम 36 लाख 50 हजार रुपये बरामद कर ली है। बरामद राशि को विधिवत जब्ती पंचनामा के तहत कब्जे में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इतनी बड़ी रकम की त्वरित बरामदगी एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन थाना पुलिस की समन्वित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता का परिणाम है।
मामले में आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गबन की राशि का कहीं और उपयोग तो नहीं किया गया था और क्या इस मामले से जुड़े अन्य लोग भी शामिल हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के आर्थिक लेन-देन में सतर्कता बरतें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। रायपुर पुलिस का कहना है कि आर्थिक अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ित को राहत देना उनकी प्राथमिकता है।


