छत्तीसगढ़ के भाटापारा में 22 जनवरी 2026 को रियल इस्पात एंड पावर लिमिटेड के स्टील प्लांट में हुए विस्फोट में कम से कम छह श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि दस से अधिक लोग घायल हो गए। हादसा प्लांट की कोयला भट्ठी इकाई में उस समय हुआ, जब नियमित सफाई कार्य चल रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक हुए विस्फोट के बाद गर्म राख और मलबा कार्यस्थल में फैल गया, जिससे पास में मौजूद श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। मृतकों और घायलों में बड़ी संख्या प्रवासी मजदूरों की बताई जा रही है, जो बिहार सहित अन्य राज्यों से काम के लिए आए थे। घटना के तुरंत बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घायलों को पहले भाटापारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को बिलासपुर के उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि सफाई के दौरान तकनीकी या सुरक्षा संबंधी चूक के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और औद्योगिक सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर दस्तावेजों की जांच की जा रही है। श्रम विभाग और फैक्ट्री निरीक्षण से जुड़े अधिकारी भी घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में सुरक्षा प्रबंधों, प्रशिक्षण व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की भी समीक्षा की जाएगी।
हादसे के बाद श्रमिक संगठनों और स्थानीय नागरिक समूहों ने घटना पर चिंता जताई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को नियमानुसार सहायता और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
भाटापारा और आसपास का क्षेत्र छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक इलाकों में शामिल है, जहां स्टील और ऊर्जा से जुड़ी कई इकाइयां संचालित हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।



