छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर वक्फ संपत्तियों पर तिरंगा फहराने के निर्देश के बाद राज्य की राजनीति में विवाद गहरा गया है। वक्फ बोर्ड ने हाल ही में आदेश जारी कर मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों के प्रबंधकों से 26 जनवरी को मुख्य द्वार पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने को कहा था। बोर्ड ने इसे देशभक्ति और संवैधानिक मूल्यों के सम्मान से जुड़ा कदम बताया है।
यह निर्देश सामने आने के बाद उस समय विवाद बढ़ गया, जब वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने आदेश का बचाव करते हुए कांग्रेस पार्टी को लेकर टिप्पणी की। उनके बयान को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और इसे आपत्तिजनक तथा राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
वक्फ बोर्ड के आदेश में कहा गया है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर सभी वक्फ संपत्तियों पर राष्ट्रीय ध्वज सम्मानपूर्वक फहराया जाए और इसकी व्यवस्था संबंधित प्रबंधकों द्वारा सुनिश्चित की जाए। बोर्ड का कहना है कि यह पहल राष्ट्रीय पर्व के महत्व को रेखांकित करने और समाज में एकता का संदेश देने के उद्देश्य से की गई है।
कांग्रेस नेताओं ने डॉ. सलीम राज के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की भाषा सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाली है। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान सभी भारतीय करते हैं, लेकिन इस मुद्दे को राजनीतिक विवाद से जोड़ना उचित नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के बयान को भड़काऊ बताते हुए इसकी निंदा की है।
राजनीतिक हलकों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर वक्फ बोर्ड इसे संवैधानिक और राष्ट्रभावना से जुड़ा कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि बयानबाजी के चलते मूल उद्देश्य से ध्यान भटक गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, वक्फ बोर्ड का यह निर्देश पूर्व में भी अन्य राज्यों में अलग-अलग अवसरों पर लागू किया गया है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इसे लेकर पहली बार इतना राजनीतिक विवाद सामने आया है। गणतंत्र दिवस के मद्देनजर प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
फिलहाल वक्फ बोर्ड ने अपने निर्देश को वापस नहीं लिया है और कहा है कि सभी संबंधित संस्थानों को आदेश का पालन करना चाहिए। वहीं, कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक और वैचारिक स्तर पर उठाती रहेगी। आने वाले दिनों में इस विषय पर और बयानबाजी होने की संभावना जताई जा रही है।



