दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र में डॉक्टरों की कथित लापरवाही से एक महिला मरीज की मौत के मामले में पुलिस ने श्रेया अस्पताल के प्रबंधक और संबंधित डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और 3(5) के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार यह मामला धमधा थाना क्षेत्र के ग्राम भरनी निवासी पद्माबाई वर्मा की मौत से जुड़ा है। मृतका के पुत्र चिरज वर्मा ने 10 अक्टूबर 2025 की घटना को लेकर थाना धमधा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार 10 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे पद्माबाई अपने घर के आंगन में गिर गई थीं, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आई और वे चलने में असमर्थ हो गईं। इसके बाद 11 अक्टूबर 2025 को उन्हें इलाज के लिए श्रेया अस्पताल एवं डायग्नोस्टिक सेंटर, धमधा में भर्ती कराया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि 13 अक्टूबर को अस्पताल में पद्माबाई के पैर का ऑपरेशन किया गया। अगले दिन 14 अक्टूबर को उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया। श्रेया अस्पताल के स्टाफ और एम्बुलेंस के माध्यम से उन्हें शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज को बिना उनकी सहमति के रेफर किया गया और रेफर करते समय एम्बुलेंस में समुचित चिकित्सकीय देखरेख की व्यवस्था नहीं थी। आरोप है कि एम्बुलेंस में डॉक्टर मौजूद नहीं था और आवश्यक मेडिकल सपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे रास्ते में ही पद्माबाई की मृत्यु हो गई।
इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच की। विवेचना के दौरान यह पाया गया कि अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टर द्वारा लापरवाहीपूर्ण और उपेक्षापूर्ण चिकित्सकीय कार्य किया गया, जिससे मरीज की मौत हुई। जांच में संलिप्तता पाए जाने पर श्रेया अस्पताल धमधा के प्रबंधक मनीष राजपूत और भिलाई निवासी डॉक्टर डॉ. अभिषेक पाण्डेय को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना धमधा में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मामले में पुलिस का कहना है कि विवेचना जारी है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।



