दुर्ग जिले के समोदा-झेंझरी गांव में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लगभग 11 एकड़ जमीन पर उगाई गई फसल को जब्त किया गया है। पुलिस ने मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार जब्त अफीम की अनुमानित कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये आंकी गई है।

जानकारी के अनुसार समोदा गांव के सरपंच अरुण गौतम द्वारा शिकायत किए जाने के बाद पुलिस ने प्रारंभिक जांच की और जिला प्रशासन को जानकारी दी। इसके बाद दुर्ग कलेक्टर के निर्देश पर चार विभागों की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर खेतों की जांच की। जांच के दौरान बड़े क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती पाए जाने की पुष्टि हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि खेत में पहले मक्का की फसल बोई गई थी और उसके बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे। अधिकारियों के अनुसार लगभग 10 से 15 प्रतिशत पौधों पर चीरा लगाने के निशान मिले, जिससे संकेत मिलता है कि उनसे मॉर्फिन युक्त पदार्थ निकाला जा चुका था। वहीं अधिकांश पौधे अभी वृद्धि या फूल आने की अवस्था में पाए गए।

प्रशासनिक जांच के अनुसार यह खेती विनायक ताम्रकार की निगरानी में की जा रही थी। जिस जमीन पर खेती पाई गई वह शिवनाथ नदी के किनारे स्थित है और उसका कुछ हिस्सा विनायक ताम्रकार तथा उनके भाई के नाम पर दर्ज बताया गया है। पास की जमीन उनके रिश्तेदारों प्रीतिबाला ताम्रकार और मधुबाला ताम्रकार के नाम पर दर्ज बताई गई है, जो लंबे समय से अन्य शहर में निवास कर रही हैं।
पुलिस जांच में यह भी जानकारी मिली है कि खेती की देखरेख राजस्थान के किसान विकास बिश्नोई द्वारा की जा रही थी। फरार आरोपी अचला राम जाट पर अफीम के बीज उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध फसल की आपूर्ति किन क्षेत्रों में की जाती थी और यह गतिविधि कब से संचालित हो रही थी।


