केरल के कोझिकोड ज़िले से सामने आया एक बस वीडियो विवाद अब एक गंभीर और दुखद मोड़ ले चुका है। केएसआरटीसी बस में कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली वायरल वीडियो के बाद 42 वर्षीय दीपक यू द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में महिला नेता शिमजिथा मुस्तफा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।
यह 18 सेकंड का वीडियो 16 जनवरी 2026 को कोझिकोड से पय्यानूर जा रही बस में रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो में शिमजिथा मुस्तफा दीपक यू पर बस में अनुचित स्पर्श का आरोप लगाती दिखाई देती हैं। हालांकि, मृतक के परिवार और सोशल मीडिया पर सामने आए विश्लेषणों के अनुसार, वीडियो में यह भी देखा गया कि बस में पर्याप्त जगह होने के बावजूद शिमजिथा मुस्तफा स्वयं आगे झुकती हुई दीपक की कोहनी की ओर जाती दिखाई देती हैं। परिवार का दावा है कि यह संपर्क आकस्मिक था और किसी भी तरह की बदनीयती नहीं थी।
दीपक यू, जो गोविंदापुरम के निवासी और एक टेक्सटाइल सेल्स मैनेजर थे, वीडियो वायरल होने के बाद भारी सोशल मीडिया ट्रोलिंग और सार्वजनिक अपमान का सामना कर रहे थे। परिजनों का कहना है कि दीपक मानसिक दबाव में थे और कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही 18 जनवरी को उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
परिवार की शिकायत पर कोझिकोड मेडिकल कॉलेज पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस बस के सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियाँ क्या थीं।
वहीं, शिमजिथा मुस्तफा, जो वडकारा की रहने वाली हैं और पेशे से मनोवैज्ञानिक व सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं, ने अपने आरोपों को सही बताते हुए कहा है कि वीडियो में दिखी घटना उनकी व्यक्तिगत सीमाओं का उल्लंघन थी। हालांकि, बढ़ते विवाद और जनआक्रोश के बाद वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया है।
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। भाजपा नेताओं ने इस घटना को “सोशल मीडिया ट्रायल” और राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी इस पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं।
यह मामला सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों, सार्वजनिक ट्रायल और मानसिक स्वास्थ्य पर उनके प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोप, वीडियो और आत्महत्या के बीच वास्तविक जिम्मेदारी किस स्तर पर बनती है।



