रायपुर। राजधानी रायपुर में कार का कांच तोड़कर लाखों रुपये की उठाईगिरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का क्राइम ब्रांच ने खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी तमिलनाडु के तिरुच्चिराप्पल्ली (त्रिची) जिले से जुड़े कुख्यात ‘रामजी नगर गिरोह’ के सदस्य हैं, जिन्हें झारखंड की राजधानी रांची से दबोचा गया। पुलिस के अनुसार यह गिरोह देशभर में घूम-घूमकर इसी तरह की वारदातों को अंजाम देता था और छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, दिल्ली सहित कई राज्यों में दर्जनों चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है।
पुलिस के मुताबिक गिरोह ने रायपुर के गंज और देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में करीब 13 लाख रुपये की उठाईगिरी की थी, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए थे। इन दो घटनाओं से शुरू हुई जांच ने आखिरकार पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क को उजागर कर दिया।
12 जनवरी को थाना गंज क्षेत्र अंतर्गत अपोलो डायग्नोस्टिक के सामने खड़ी एक कार का कांच तोड़कर अज्ञात चोरों ने पीछे की सीट में रखे दो बैग चोरी कर लिए थे। बैग में लाखों रुपये नकद, लैपटॉप, सैमसंग टैब, एक्सटर्नल हार्ड डिस्क और कई डेबिट-क्रेडिट कार्ड रखे हुए थे। उसी दिन देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र में महाराजा फुटवेयर के सामने खड़ी एक अन्य कार से भी नकदी से भरा बैग चोरी कर लिया गया। दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस ने जांच शुरू की।
घटनास्थलों के निरीक्षण और पीड़ितों से पूछताछ के बाद पुलिस को यह स्पष्ट हो गया कि वारदात किसी बाहरी और संगठित गिरोह द्वारा की गई है। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने छह अलग-अलग टीमों का गठन किया। पुलिस टीमों ने घटनास्थलों के आसपास लगे हजारों सीसीटीवी कैमरों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड फुटेज खंगाले। साथ ही रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल सर्विलांस के जरिए आरोपियों की मूवमेंट ट्रैक की गई।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी रायपुर से निकलकर अलग-अलग शहरों की ओर रवाना हो चुके हैं। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी लोकेशन झारखंड में ट्रेस की गई, जिसके बाद दो विशेष टीमों को रांची रवाना किया गया।
क्राइम ब्रांच की टीम ने रांची के धुर्वाडैम इलाके में घेराबंदी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार उस समय आरोपी रांची में भी कार का कांच तोड़कर चोरी की वारदात करने की तैयारी में थे। पूछताछ में आरोपियों ने रायपुर में गंज और देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र की दोनों घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पुलिस से बचने और अपनी पहचान छिपाने के लिए होटल या लॉज में नहीं रुकते थे। वे रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्म पर ठहरते थे और बिना टिकट ट्रेनों से यात्रा करते थे। आरोपी लगातार एक शहर से दूसरे शहर घूमते रहते थे और सड़क किनारे खड़ी उन कारों को निशाना बनाते थे, जिनमें बाहर से बैग या कीमती सामान दिखाई देता था।
पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से आरोपियों ने चोरी किया गया एक लैपटॉप गरियाबंद क्षेत्र में फेंक दिया था, जिसे पुलिस टीम ने सतर्कता दिखाते हुए महज छह घंटे के भीतर बरामद कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, एक टैबलेट, 25 हजार रुपये नकद, दो सोने के सिक्के और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में किट्टू (55 वर्ष), ए. विनोद कुमार (43 वर्ष), बाला मुरुगन (43 वर्ष), कुमरेशन डी. (60 वर्ष), भास्कर के. (55 वर्ष) और रंगन ए. (56 वर्ष) शामिल हैं। सभी आरोपी तिरुच्चिराप्पल्ली (त्रिची), तमिलनाडु के निवासी हैं और ‘रामजी नगर गिरोह’ के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और देश के अन्य राज्यों में की गई वारदातों की जानकारी जुटा रही है।



