रायपुर में सोशल मीडिया पर एक वर्ष पुरानी तस्वीर के पुनः वायरल होने के बाद जेल सुरक्षा व्यवस्था और मुलाकात नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वायरल तस्वीर को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह उस अवधि की है जब कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव जेल में निरुद्ध थे। हालांकि, तस्वीर की प्रामाणिकता को लेकर आधिकारिक स्तर पर अब तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित तस्वीर में एक व्यक्ति को जेल मुलाकात कक्ष जैसी व्यवस्था में टेलीफोन रिसीवर के साथ देखा जा सकता है। तस्वीर के दोबारा वायरल होने के बाद यह प्रश्न उठ रहा है कि यदि फोटो वास्तव में जेल परिसर के प्रतिबंधित क्षेत्र में ली गई थी, तो तस्वीर कैप्चर करने की अनुमति कैसे मिली।
जेल नियमों के अनुसार, मुलाकात कक्ष सहित सुरक्षा दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित रहता है। ऐसे में तस्वीर के प्रसार के साथ ही नियमों के पालन और निगरानी व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर बहस देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, यह तस्वीर पहली बार लगभग एक वर्ष पूर्व सामने आई थी। हालिया घटनाक्रमों और वायरल वीडियो विवादों के बीच अब यह पुनः विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की जा रही है। तस्वीर के साथ अलग-अलग दावे भी प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
वायरल सामग्री को लेकर लोगों द्वारा जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में जेल प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि वायरल सामग्री से जुड़े मामलों में सामान्यतः तथ्यों का परीक्षण किया जाता है। फिलहाल, तस्वीर को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।


