रायपुर के कबीर नगर थाना क्षेत्र में वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18 लाख 45 हजार रुपये नकद, कई मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और बड़ी संख्या में एटीएम व क्रेडिट कार्ड जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क क्रिकेट मैचों पर दांव लगवाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा था।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि तिरंगा चौक फेस-02, कबीर नगर के पास एक खंडहरनुमा मकान में कुछ युवक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन सट्टा चला रहे हैं। सूचना के आधार पर कबीर नगर थाना पुलिस ने टीम गठित कर बताए गए स्थान पर घेराबंदी की। मौके पर दबिश देने पर तीन व्यक्तियों को संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाया गया। पूछताछ में उनकी पहचान दीपक सचदेवा, गौरव सचदेवा और ऋषभ रंगलानी के रूप में हुई।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से लाखों रुपये नकद, मोबाइल फोन और बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी ओम खेमानी का नाम बताया, जो इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छठ तालाब, हीरापुर क्षेत्र से ओम खेमानी को हिरासत में लिया। उसके कब्जे से 3 लाख 11 हजार रुपये नगद, तीन मोबाइल फोन तथा 25 से अधिक एटीएम और क्रेडिट कार्ड जब्त किए गए।
विवेचना के दौरान पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ramco777.com, wood777.com और powerexch.com जैसी वेबसाइटों के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। आरोपियों द्वारा मास्टर आईडी के जरिए ग्राहकों को सट्टे की आईडी उपलब्ध कराई जाती थी। इन आईडी के माध्यम से क्रिकेट मैचों पर दांव लगवाया जाता था। प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकासी की जाती थी।
कबीर नगर थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 112(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में वित्तीय लेनदेन से जुड़े बैंक खातों की जांच की जा रही है। साथ ही, सट्टा नेटवर्क में आईडी तैयार करने वाले अन्य व्यक्तियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा, जिससे नेटवर्क के दायरे और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान की जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन सट्टा संचालन के विरुद्ध अभियान स्तर पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



