छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 23 जनवरी 2026 से पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू कर दी गई है। राज्य सरकार के आदेश के बाद भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला ने रायपुर के पहले पुलिस आयुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया। इससे पहले वे बिलासपुर रेंज में पुलिस महानिरीक्षक (IGP) के पद पर पदस्थ थे और स्थानांतरण के तहत उन्हें रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कार्यभार संभालने के बाद पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि कमिश्नरेट प्रणाली के अंतर्गत नियुक्त किए गए अन्य अधिकारी भी शीघ्र ही अपने-अपने पदों पर योगदान देंगे। सभी अधिकारियों के जॉइन करने के बाद रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के तहत कामकाज पूरी तरह से शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था के तहत पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाने पर जोर रहेगा।
डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि रायपुर जैसे बड़े और तेजी से विकसित हो रहे शहर में अपराध नियंत्रण और अपराधों की रोकथाम उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी रहेगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ यातायात प्रबंधन, शहरी सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय भी पुलिस की अहम जिम्मेदारियों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस आयुक्त प्रणाली के माध्यम से निर्णय प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को त्वरित और प्रभावी पुलिस सेवाएं मिल सकें।
राज्य पुलिस विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रायपुर में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू किए जाने के बाद पहले पुलिस आयुक्त के चयन को लेकर कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया था। डॉ. संजीव शुक्ला के नाम पर अंतिम निर्णय उनके लंबे प्रशासनिक और फील्ड अनुभव को देखते हुए लिया गया। वे वर्ष 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और राज्य पुलिस सेवा से पदोन्नत होकर भारतीय पुलिस सेवा में आए हैं।
डॉ. संजीव शुक्ला मूल रूप से रायपुर के निवासी हैं। उन्होंने रायपुर से ही शिक्षा प्राप्त की है और वाणिज्य विषय में स्नातकोत्तर (एम.कॉम.) की डिग्री हासिल की है। इससे पहले वे रायपुर जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। शहर और स्थानीय परिस्थितियों की गहरी समझ को भी उनके चयन का एक महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
पुलिस विभाग में उनके करियर के दौरान वे अपराध अनुसंधान विभाग (CID) में भी प्रमुख भूमिका निभा चुके हैं। उन्हें वर्ष 2010 और 2022 में राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में रायपुर पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू होगी और राजधानी की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।



