राजधानी रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद कानून व्यवस्था को लेकर सख्ती के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इसी बीच सामने आए एक वायरल वीडियो ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे इस वीडियो को थाना तेलीबांधा क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें एक युवक द्वारा बुजुर्ग व्यक्ति के साथ कथित रूप से खुलेआम गाली-गलौज किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।
वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें दिखाई दे रहा युवक पूर्व महापौर का रिश्तेदार है। वीडियो में युवक बुजुर्ग के साथ अशोभनीय भाषा का प्रयोग करता हुआ नजर आता है। यह वीडियो एक-दो दिन पुराना बताया जा रहा है और इसके सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई नागरिकों और यूजर्स ने इस व्यवहार को निंदनीय बताते हुए पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
वीडियो के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या प्रभावशाली राजनीतिक संबंधों के चलते आरोपी के खिलाफ कार्रवाई में देरी होगी या फिर कमिश्नरी प्रणाली के तहत पुलिस निष्पक्ष तरीके से कानून का पालन सुनिश्चित करेगी। हालांकि, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि पुलिस या प्रशासन की ओर से अब तक नहीं की गई है। यह वीडियो जनसरोकार के माध्यम से सामने आया बताया जा रहा है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक संरक्षण के आरोप भी सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे हैं। यूजर्स यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या कानून सभी के लिए समान है या रसूखदारों के लिए अलग मापदंड अपनाए जाते हैं। इससे पहले भी इसी युवक से जुड़ा एक अन्य वीडियो वायरल होने का दावा किया गया था, जिसमें कथित तौर पर शक्ति प्रदर्शन की बात कही गई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे वीडियो राजधानी की कानून व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता को लेकर चर्चा का विषय बन गए हैं।
फिलहाल पुलिस की ओर से इस वायरल वीडियो को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जानकारों का कहना है कि किसी भी कानूनी कार्रवाई से पहले पीड़ित बुजुर्ग का बयान दर्ज किया जाना आवश्यक है, ताकि वीडियो की सत्यता, घटना का समय और परिस्थितियों की पुष्टि की जा सके। इसके साथ ही वीडियो की फोरेंसिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी अहम माने जा रहे हैं।
कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद यह मामला पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। आम नागरिक यह देखना चाहते हैं कि क्या पुलिस राजनीतिक प्रभाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष कार्रवाई करेगी। यदि वीडियो की पुष्टि होती है, तो सार्वजनिक स्थान पर गाली-गलौज और बुजुर्ग के साथ अभद्र व्यवहार जैसे मामलों में विधिसम्मत कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और राजधानी में पुलिस की अगली कार्रवाई को लेकर निगाहें टिकी हुई हैं।



