तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में तीन नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में विशेष अदालत ने आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। जिला पॉक्सो अदालत ने तीन वर्ष तक चली सुनवाई के बाद आरोपी आनंद शेखर को दोषी करार देते हुए 12 मार्च को यह फैसला सुनाया। अदालत ने राज्य सरकार को प्रत्येक पीड़िता को सात-सात लाख रुपये मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी आनंद शेखर तिरुनेलवेली जिले के अलगिरीपुरम गांव का निवासी है और मजदूरी का काम करता था। आरोप है कि लगभग तीन वर्ष पहले उसने अपने ही गांव की छह, सात और आठ वर्ष की तीन बच्चियों के साथ अलग-अलग समय पर दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी तब सामने आई जब बच्चियां बीमार पड़ गईं और उनके परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के दौरान यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद परिजनों ने पलायमकोट्टई ऑल वुमन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पीड़ित बच्चियों के बयान दर्ज किए गए और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मामला जिला पॉक्सो अदालत में विचाराधीन रहा, जहां अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई पूरी की गई। अदालत ने मामले में आरोप सिद्ध होने पर आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास और सहायता के लिए राज्य सरकार प्रत्येक को सात लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करे। अधिकारियों के अनुसार मामले में अदालत के आदेश के अनुरूप आगे की प्रक्रिया की जा रही है।


