उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के महागांव मड़ई गांव के पास तालाब किनारे मिले अज्ञात शव के मामले में पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने इस मामले में मृतक के परिचित विरेंद्र यादव को गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान बिहार के छपरा निवासी आफताब आलम के रूप में हुई थी।
पुलिस के अनुसार, 8 जनवरी 2026 को महागांव मड़ई गांव के पास तालाब के नजदीक एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को बरामद किया, जिसके मुंह और नाक से खून निकल रहा था। तलाशी के दौरान पुलिस को एक बैग मिला, जिसमें आफताब आलम के नाम का पहचान पत्र, कंपनी का कर्मचारी आईडी कार्ड और अन्य दस्तावेज मिले। इसके आधार पर मृतक की पहचान की गई।
पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया, जिन्होंने अपने पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस निगरानी में रहा।
21 जनवरी को मृतक के परिजनों ने वाराणसी के सिंधौरा थाने में पहुंचकर हत्या की आशंका जताई। परिजनों ने आफताब के बैंक खाते से आरोपी विरेंद्र यादव के खाते में हुए संदिग्ध लेनदेन की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, 8 जनवरी को, जिस दिन शव बरामद हुआ था, उसी दिन आफताब के खाते से 40 हजार रुपये यूपीआई के जरिए विरेंद्र के खाते में ट्रांसफर हुए थे। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में पुलिस ने विरेंद्र यादव को मुख्य आरोपी के रूप में चिन्हित किया, जो चोलापुर थाना क्षेत्र के लस्करपुर गांव का निवासी है। आरोपी को 25 जनवरी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया कि वह और आफताब पहले बेंगलुरु की एक कंपनी में साथ काम कर चुके थे। आरोपी का कहना है कि वर्ष 2025 में आफताब ने उसे धोखे से मांस खिलाया और बाद में इस बात का खुलासा दूसरों से कर दिया, जिससे उसे अपमान और मानसिक पीड़ा हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इसी कारण हत्या की योजना बनाने की बात कही।
पुलिस के मुताबिक, 7 जनवरी को आफताब छपरा से चेन्नई जा रहा था, जहां वह वर्तमान में काम कर रहा था। रास्ते में वह वाराणसी में विरेंद्र से मिलने रुका। रेलवे स्टेशन से विरेंद्र उसे घर ले जाने के बहाने महागांव के सुनसान इलाके में ले गया, जहां रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव खेत में फेंक दिया।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त रस्सी, मृतक का आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, पैन कार्ड, कंपनी आईडी और ठेकेदार का पहचान पत्र बरामद किया है। पुलिस एक अन्य आरोपी की तलाश में जुटी है।
मृतक के पिता कलामुद्दीन ने आरोपी के दावों को खारिज करते हुए हत्या का कारण लूट बताया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी विरेंद्र यादव का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ चोलापुर थाने में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।



