मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई “मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026” के तहत प्रदेशभर में बड़ी संख्या में उपभोक्ता पंजीयन करा रहे हैं। योजना के माध्यम से घरेलू, बीपीएल और कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल के भुगतान में राहत देने के साथ सरचार्ज माफी का लाभ भी दिया जा रहा है।
राज्य सरकार के अनुसार योजना का उद्देश्य ऐसे उपभोक्ताओं को राहत देना है, जो लंबे समय से बकाया बिजली बिल के कारण आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। योजना के तहत उपभोक्ताओं को बकाया राशि एकमुश्त या आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
योजना की प्रमुख विशेषता 31 मार्च 2023 तक के बकाया बिजली बिलों पर 100 प्रतिशत सरचार्ज माफी है। सरकार का कहना है कि इससे लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिल रही है और बिजली सेवाओं से जुड़े लंबित प्रकरणों का निराकरण भी तेजी से हो रहा है।
राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश के 7 लाख 24 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराया है। इनमें से 1 लाख 63 हजार प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। योजना के माध्यम से उपभोक्ताओं को अब तक 6 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक की राहत प्रदान की गई है।
यह योजना 12 मार्च 2026 से लागू है और इसका लाभ लेने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन अनिवार्य रखा गया है।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए पंजीयन की व्यवस्था विभिन्न माध्यमों से की गई है। उपभोक्ता “मोर बिजली” एप, सीएसपीडीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट, नजदीकी बिजली कार्यालय और विशेष पंजीयन शिविरों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पंजीयन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक योजना की जानकारी पहुंच सके।
बिजली विभाग का कहना है कि कई उपभोक्ता पुराने बकाया और सरचार्ज बढ़ने के कारण भुगतान नहीं कर पा रहे थे। योजना लागू होने के बाद ऐसे मामलों में तेजी से समाधान निकल रहा है। विभाग ने उपभोक्ताओं से समय सीमा के भीतर पंजीयन कराने की अपील भी की है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार आम जनता को राहत पहुंचाने और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उनके अनुसार जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है ताकि आम नागरिकों को सीधे लाभ मिल सके।
सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल बकाया वसूली नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को राहत देकर बिजली सेवाओं से निरंतर जोड़कर रखना भी है। विभागीय स्तर पर योजना की निगरानी की जा रही है और लंबित प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया लगातार जारी है।



