महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री तानाजी सावंत के बेटे ऋषिराज सावंत और उनके दो दोस्तों की बैंकॉक यात्रा अचानक तब रुक गई जब पुलिस ने ‘किडनैपिंग’ केस दर्ज कर लिया और फ्लाइट को पुणे वापस बुलाने के निर्देश दिए।
सोमवार रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच, एक चार्टर्ड फ्लाइट जो ऋषिराज सावंत और उनके दो दोस्तों को लेकर थाईलैंड जा रही थी, पुणे एयरपोर्ट पर लौट आई। पुलिस को एक अनजान कॉल मिला था जिसमें ऋषिराज की गुमशुदगी की सूचना दी गई थी।
फ्लाइट ऑपरेटर के अनुसार, जब पायलटों को पहली बार विमान लौटाने के लिए कहा गया, तो उन्हें यह एक ‘होक्स कॉल’ लगा। लेकिन जब नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए से पुष्टि हुई कि यह एक पुलिस जांच से जुड़ा मामला है, तब विमान को वापस लौटाने का निर्णय लिया गया।
जब फ्लाइट को पुणे लौटने का निर्देश दिया गया, तब यह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास उड़ान भर रही थी। यात्रियों को इस बदलाव की कोई जानकारी नहीं दी गई, ताकि किसी तरह का विवाद या बहस न हो। विमान के नेविगेशन स्क्रीन पहले ही बंद कर दिए गए थे, जिससे यात्रियों को यह आभास ही नहीं हुआ कि वे बैंकॉक के बजाय पुणे लौट रहे हैं।
जैसे ही विमान पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा, सीआईएसएफ अधिकारियों ने तुरंत विमान के अंदर जाकर तीनों यात्रियों को उतार लिया।
ऋषिराज सावंत ने पुलिस को बताया कि उन्होंने इस यात्रा को गुप्त रखा था क्योंकि उन्हें डर था कि उनके परिवार वाले गुस्सा करेंगे।
इस घटना के बाद शिवसेना (यूबीटी) नेताओं ने पूर्व मंत्री तानाजी सावंत पर पुलिस तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक गुमनाम कॉल पर इतनी जल्दी ‘किडनैपिंग’ का केस कैसे दर्ज कर लिया गया और पुलिस ने इतनी तत्परता क्यों दिखाई।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है, जहां कई लोग इस कार्रवाई को पुलिस तंत्र की मनमानी बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक शक्ति का दुरुपयोग करार दे रहे हैं।