राजधानी रायपुर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली में बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने दिल्ली निवासी सन्नी शर्मा (26) और नाइजीरियन नागरिक तोचकू अफामे उर्फ प्रिन्स चार्ल्स (38) को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से 9.70 लाख रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और तीन चेकबुक जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 11 लाख रुपये आंकी गई है।
इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य) उमेश प्रसाद गुप्ता द्वारा की जा रही थी। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना देवेन्द्र नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
मामले की शुरुआत 19 मार्च को हुई, जब देवेन्द्र नगर थाना क्षेत्र में नारायणा अस्पताल के पास पुलिस ने कृष्ण गोपाल अग्रवाल (28) को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 4.55 ग्राम कोकीन, एक कार और आईफोन बरामद किया गया था। पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी एक बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिसके बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया।
मोबाइल डाटा, बैंक खातों और अन्य तकनीकी इनपुट्स के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि रायपुर में सप्लाई हो रही कोकीन का कनेक्शन दिल्ली के जरिए नाइजीरिया तक जुड़ा हुआ है। जांच में पता चला कि इस नेटवर्क का संचालन नाइजीरिया में बैठे ‘चिची’ नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, जबकि दिल्ली में मौजूद आरोपी जमीन स्तर पर इसे संचालित कर रहे थे।
पुख्ता जानकारी मिलने के बाद रायपुर पुलिस की टीम को दिल्ली भेजा गया, जहां तिलक नगर क्षेत्र में लोकेशन ट्रेस कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार नाइजीरियन आरोपी पहले भी वर्ष 2024-25 में वीजा उल्लंघन के मामले में जेल जा चुका है।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे कोकीन को बीपी मशीन के डिब्बों में छिपाकर कूरियर के माध्यम से विभिन्न राज्यों में भेजते थे, ताकि जांच एजेंसियों को शक न हो। इस नेटवर्क के जरिए देशभर में ड्रग सप्लाई की जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि सन्नी शर्मा ने अपने बैंक खाते कमीशन पर गिरोह को उपलब्ध कराए थे, जिनके माध्यम से ड्रग्स की रकम का लेन-देन किया जाता था।
पुलिस को पिछले छह महीनों में करीब दो करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है और इन खातों में हुए लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय जांच के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और आगे और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने वर्ष 2026 में अब तक 36 मामलों में 93 आरोपितों को गिरफ्तार किया है और करीब 2.48 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


