Bagmane Prime Office REIT के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को दूसरे दिन निवेशकों से मिश्रित लेकिन स्थिर प्रतिक्रिया मिलती दिखाई दी। एक्सचेंज पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 6 मई 2026 को शाम 5 बजे तक यह इश्यू कुल 1.48 गुना सब्सक्राइब हुआ। अन्य निवेशक श्रेणी में सबसे ज्यादा भागीदारी देखने को मिली, जबकि संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी अभी पूरी तरह सब्सक्राइब नहीं हो सकी है।
आईपीओ 5 मई से खुला है और 7 मई तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा। इसकी प्राइस रेंज ₹95 से ₹100 प्रति यूनिट तय की गई है। एक लॉट में 150 यूनिट शामिल हैं, जिसके लिए करीब ₹15,000 का निवेश करना होगा। कंपनी की प्रस्तावित लिस्टिंग 15 मई 2026 को होने की संभावना है।
सब्सक्रिप्शन आंकड़ों के मुताबिक संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित 806.84 लाख यूनिट के मुकाबले 722.55 लाख यूनिट के आवेदन मिले, जिससे यह श्रेणी 0.90 गुना सब्सक्राइब हुई। वहीं अन्य निवेशक श्रेणी में 672.37 लाख यूनिट आरक्षित थीं, जबकि 1461.99 लाख यूनिट के आवेदन प्राप्त हुए। यह हिस्सा 2.17 गुना सब्सक्राइब हुआ। कुल मिलाकर 1479.21 लाख यूनिट के मुकाबले 2184.53 लाख यूनिट के आवेदन आए।
Bagmane Prime Office REIT एक रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट है, जो आय उत्पन्न करने वाली कमर्शियल ऑफिस संपत्तियों के स्वामित्व और संचालन पर आधारित है। इसके पोर्टफोलियो में बेंगलुरु स्थित कई बड़े बिजनेस पार्क और टेक्नोलॉजी कैंपस शामिल हैं। इनमें Bagmane Tech Park, Bagmane World Technology Centre और अन्य कॉर्पोरेट ऑफिस परिसरों का नाम शामिल है। इन परिसंपत्तियों से किराये और संबंधित शुल्क के जरिए राजस्व प्राप्त होता है।
REIT के पोर्टफोलियो में कुछ निर्माणाधीन और भविष्य की विकास परियोजनाएं भी शामिल हैं। साथ ही कंपनी के पास सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर परिसंपत्तियां जैसे सोलर एसेट्स भी मौजूद हैं। कंपनी होल्डिंग स्ट्रक्चर और विशेष प्रयोजन इकाइयों (SPV) के माध्यम से अपनी संपत्तियों का संचालन करती है।
इश्यू से जुटाई जाने वाली राशि का बड़ा हिस्सा नए अधिग्रहणों और हिस्सेदारी खरीद में उपयोग किया जाएगा। कंपनी के अनुसार लगभग ₹1420 करोड़ का उपयोग Bagmane Capital Tech Park स्थित Luxor संपत्ति के अधिग्रहण में किया जाएगा। इसके अलावा ₹820 करोड़ BRPL में 93 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए निर्धारित हैं। शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों पर खर्च की जाएगी।
मार्केट में इश्यू को लेकर ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब ₹4.5 बताया जा रहा है। हालांकि बाजार विशेषज्ञ GMP को निवेश का आधार मानने के बजाय वास्तविक सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और संपत्ति गुणवत्ता पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
जोखिम पक्ष की बात करें तो कंपनी की आय मुख्य रूप से कुछ बड़े किरायेदारों पर निर्भर है। प्रमुख लीज समाप्त होने या किरायेदारों के बाहर निकलने की स्थिति में किराया आय प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा कंपनी का पोर्टफोलियो मुख्य रूप से बेंगलुरु पर केंद्रित है, जिससे क्षेत्रीय बाजार स्थितियों का असर पड़ने की आशंका बनी रहती है। सीमित परिचालन इतिहास और नियामकीय अनुपालन से जुड़े जोखिम भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण कारक माने जा रहे हैं।



