OnEMI Technology Solutions Limited (Kissht) के आईपीओ में तीसरे दिन भी निवेशकों की भागीदारी बनी रही, हालांकि कुल सब्सक्रिप्शन की रफ्तार शुरुआती दिनों की तुलना में मध्यम स्तर पर नजर आई। 5 मई 2026 तक उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार, यह इश्यू कुल 0.72 गुना (0.72x) सब्सक्राइब हुआ है, जो यह दर्शाता है कि निवेशक पूरी तरह पीछे नहीं हटे हैं, लेकिन अब भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
तीसरे दिन भी Qualified Institutional Buyers (QIB) कैटेगरी सबसे मजबूत सेगमेंट के रूप में उभरी है, जहां सब्सक्रिप्शन 1.09 गुना (1.09x) तक पहुंच चुका है। यह किसी भी IPO के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है, क्योंकि संस्थागत निवेशकों की भागीदारी आमतौर पर कंपनी के प्रति भरोसे को दर्शाती है। QIB का ओवरसब्सक्राइब रहना यह संकेत देता है कि बड़े निवेशकों को इस इश्यू में संभावनाएं नजर आ रही हैं।
वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) सेगमेंट में भी तीसरे दिन सुधार देखने को मिला है। इस श्रेणी में सब्सक्रिप्शन 0.45 गुना से बढ़कर 0.74 गुना (0.74x) तक पहुंच गया है। खासतौर पर हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने इस सेगमेंट को मजबूती दी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बड़े व्यक्तिगत निवेशक धीरे-धीरे इस इश्यू में रुचि ले रहे हैं।
हालांकि, रिटेल निवेशकों की भागीदारी अब भी अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई है। तीसरे दिन तक रिटेल कैटेगरी केवल 0.22 गुना (0.22x) सब्सक्राइब हुई है, जो दर्शाता है कि छोटे निवेशक इस आईपीओ को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। यह रुझान यह भी बताता है कि बाजार में जोखिम को लेकर सतर्कता बनी हुई है और रिटेल निवेशक अंतिम दिन के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
इससे पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों के जरिए ₹277.78 करोड़ जुटाए थे, जिसमें HDFC Mutual Fund, ICICI Prudential Mutual Fund, WhiteOak Capital, Goldman Sachs और Citigroup जैसे बड़े नाम शामिल रहे। एंकर निवेशकों की मजबूत भागीदारी के बावजूद सेकेंडरी निवेशकों का रुझान संतुलित बना हुआ है, जो बाजार की वर्तमान स्थिति को दर्शाता है।
फंडामेंटल्स की बात करें तो कंपनी ने अपने एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। FY23 में ₹12,679 मिलियन का AUM 9MFY26 तक बढ़कर ₹59,557 मिलियन तक पहुंच गया है। इसके अलावा कंपनी का ग्राहक आधार 11 मिलियन से अधिक हो चुका है, जो इसके डिजिटल लेंडिंग मॉडल की तेजी से बढ़ती पहुंच को दिखाता है।
IPO का प्राइस बैंड ₹162 से ₹171 प्रति शेयर तय किया गया है और 5 मई 2026 इस इश्यू का अंतिम दिन है। ऐसे में अंतिम घंटों में सब्सक्रिप्शन में तेजी आने की संभावना बनी हुई है, खासकर रिटेल और NII सेगमेंट में, जहां निवेशक अंतिम समय में एंट्री लेते हैं।
कुल मिलाकर, Kissht IPO में संस्थागत निवेशकों का भरोसा बना हुआ है, लेकिन रिटेल निवेशकों की धीमी भागीदारी एक संतुलित और सतर्क निवेश माहौल की ओर इशारा करती है। अब सभी की नजरें अंतिम दिन के आंकड़ों पर टिकी हैं, जो इस आईपीओ की वास्तविक तस्वीर को साफ करेंगे।


