तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अभिनेता से राजनेता बने Joseph ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। उनकी पार्टी Tamil Nadu Vikas Katchi के सत्ता में आने के बाद राज्य की राजनीति, आर्थिक स्थिति और गठबंधन समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
चेन्नई में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और समर्थक मौजूद रहे। फिल्म जगत से राजनीति में आए जोसेफ की जीत को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि सरकार गठन के साथ ही वित्तीय प्रबंधन और राजनीतिक स्थिरता को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।
तमिलनाडु पहले से ही भारी कर्ज के दबाव में है। राज्य पर करीब 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का अनुमान जताया जा रहा है। ऐसे में नई सरकार द्वारा चुनाव के दौरान किए गए कल्याणकारी वादों और मुफ्त योजनाओं को लेकर आर्थिक विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं।
मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद जोसेफ सरकार का पहला बड़ा फैसला घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने से जुड़ा रहा। इस घोषणा का कई लोगों ने स्वागत किया, लेकिन आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि इससे राज्य के वित्तीय भार में और वृद्धि हो सकती है।
नीतिगत मामलों पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का कहना है कि तमिलनाडु की ऋण स्थिति पहले से ही देश के बड़े राज्यों में ऊंचे स्तर पर है। ऐसे में नई योजनाओं और सब्सिडी आधारित फैसलों का असर आने वाले वर्षों में राज्य की आर्थिक व्यवस्था पर पड़ सकता है।
राजनीतिक स्तर पर भी सरकार की स्थिति को पूरी तरह स्थिर नहीं माना जा रहा है। टीवीके की सरकार सहयोगी दलों के समर्थन पर निर्भर बताई जा रही है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि यदि किसी सहयोगी दल ने समर्थन वापस लिया तो सरकार के सामने संकट खड़ा हो सकता है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि जोसेफ की लोकप्रियता और जनसमर्थन ने उन्हें सत्ता तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई, लेकिन प्रशासनिक अनुभव की कमी अब उनके सामने चुनौती के रूप में देखी जा रही है। सरकार संचालन, नौकरशाही और गठबंधन प्रबंधन जैसे विषयों पर आने वाले समय में उनकी कार्यशैली पर नजर रहेगी।
समर्थकों का कहना है कि बाहरी पृष्ठभूमि से आने वाले नेता के रूप में जोसेफ नई सोच और अलग कार्यशैली लेकर आ सकते हैं। वहीं आलोचकों का तर्क है कि केवल लोकप्रियता और फिल्मी पहचान शासन चलाने के लिए पर्याप्त नहीं होती।
तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से क्षेत्रीय दलों और मजबूत नेतृत्व के लिए जानी जाती रही है। ऐसे में जोसेफ का मुख्यमंत्री बनना राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है। आने वाले समय में सरकार की आर्थिक नीतियां, गठबंधन संबंध और प्रशासनिक फैसले राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



