डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म Kissht की पैरेंट कंपनी OnEMI Technology Solutions ने शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत दर्ज की है। कंपनी का आईपीओ बाजार में प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ और पहले कारोबारी दिन निवेशकों को दोहरे अंकों का लाभ मिला।
कंपनी के शेयर 171 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 191 रुपये प्रति शेयर पर सूचीबद्ध हुए, जो करीब 12 प्रतिशत का प्रीमियम रहा। कारोबार के अंत तक शेयर 208 रुपये पर बंद हुआ, जिससे पहले दिन कुल करीब 22 प्रतिशत का प्रीमियम दर्ज किया गया।
कंपनी का आईपीओ कुल 926 करोड़ रुपये का था। इसमें 850 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 76 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल था। बाजार आंकड़ों के अनुसार आईपीओ को निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली।
सब्सक्रिप्शन आंकड़ों में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) श्रेणी में सबसे अधिक मांग दर्ज की गई। यह हिस्सा करीब 24.87 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी 6.57 गुना और रिटेल निवेशक श्रेणी 2.03 गुना सब्सक्राइब हुई। कुल मिलाकर आईपीओ को लगभग 9.5 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
लिस्टिंग के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 3,300 करोड़ रुपये पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार फिनटेक और डिजिटल क्रेडिट सेक्टर में निवेशकों की बढ़ती रुचि का असर इस आईपीओ में देखने को मिला।
रिटेल निवेशकों की बात करें तो एक लॉट में आवेदन करने वाले निवेशकों को पहले दिन अच्छा लाभ मिला। एक लॉट में 87 शेयर शामिल थे और लिस्टिंग के बाद निवेशकों को करीब 1,740 रुपये का लाभ हुआ।
कंपनी के शुरुआती निवेशकों को भी इस लिस्टिंग से बड़ा फायदा मिला है। रिपोर्ट्स के अनुसार Vertex Ventures ने करीब 16 लाख शेयर बेचकर लगभग 29 करोड़ रुपये जुटाए। वहीं Ventureast को करीब 10.9 गुना रिटर्न मिला। Ammar Sdn Bhd ने भी करीब 11 लाख शेयर बेचकर लगभग 19.8 करोड़ रुपये जुटाए।
Kissht डिजिटल लेंडिंग और इंस्टेंट पर्सनल लोन सेवाओं के लिए जानी जाती है। कंपनी चेकआउट फाइनेंस और डिजिटल क्रेडिट से जुड़े उत्पादों पर काम करती है। भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन फाइनेंस बाजार को कंपनी के विस्तार का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
आईपीओ से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से करीब 278 करोड़ रुपये जुटाए थे। एंकर निवेशकों में HDFC Mutual Fund, ICICI Prudential Mutual Fund, Goldman Sachs, BNP Paribas और Citigroup जैसी संस्थाएं शामिल रहीं।
कंपनी के कारोबार में भी हाल के वर्षों में तेजी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) वित्त वर्ष 2023 में 1,267 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में बढ़कर 5,955 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।



