गौरीनगर हत्या प्रकरण में राजनांदगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज तीन घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना में चार विधि से संघर्षरत बालकों की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया।
यह मामला 19 मई 2026 को सामने आया, जब गौरीनगर इलाके में हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। गौरीनगर हत्या प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए चौकी चिखली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम को तत्काल सक्रिय किया गया।
पुलिस टीम ने गौरीनगर, महादेव नगर और अचानकनगर इलाके में एक साथ दबिश दी। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य, स्थानीय इनपुट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार गौरीनगर हत्या प्रकरण में मुख्य आरोपी की पहचान ईशू यादव उर्फ पंछी उर्फ पप्पू के रूप में हुई है। आरोपी संतोष यादव का पुत्र है और अचानकनगर, गौरीनगर वार्ड क्रमांक 13 का निवासी बताया गया है। उसकी उम्र 18 वर्ष 9 माह बताई गई है।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना में उसके साथ चार विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि नाबालिगों को संरक्षणात्मक अभिरक्षा में भेजा गया है।
मृतक की पहचान अब्दुल रकीब निवासी गौरीनगर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक गौरीनगर हत्या प्रकरण में प्रारंभिक जांच के दौरान पुरानी रंजिश और आपसी विवाद हत्या की मुख्य वजह के रूप में सामने आया है।
अधिकारियों का कहना है कि मृतक द्वारा आरोपियों को परेशान किए जाने और पुराने विवाद के चलते यह घटना हुई। हालांकि पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि पूरी घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपितों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। वहीं मृतक के खिलाफ पूर्व में धारा 327, 294, 323, 506 और 34 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
गौरीनगर हत्या प्रकरण की जांच में साइबर सेल की भूमिका अहम रही। पुलिस ने तकनीकी डेटा, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिर तंत्र का उपयोग कर कम समय में आरोपियों तक पहुंच बनाई। अधिकारियों का कहना है कि इसी वजह से मामले का खुलासा कुछ ही घंटों में संभव हो पाया।
नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में चौकी चिखली स्टाफ और साइबर सेल टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों ने इसे त्वरित और प्रभावी जांच का उदाहरण बताया है।
राजनांदगांव में इस हत्या के बाद इलाके में तनाव का माहौल था, लेकिन पुलिस के त्वरित खुलासे के बाद स्थानीय स्तर पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। गौरीनगर हत्या प्रकरण अब कानूनी कार्रवाई के अगले चरण में पहुंच गया है, जहां आरोपी और नाबालिगों के खिलाफ वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।



