थाईलैंड वीजा नियम में बड़ा बदलाव हुआ है और इसका असर सीधे भारतीय यात्रियों पर पड़ने वाला है। अगर आप थाईलैंड घूमने की योजना बना रहे हैं, तो अब पहले जैसे नियम लागू नहीं होंगे। थाई सरकार ने 93 देशों और क्षेत्रों के लिए लागू 60 दिन की वीजा-फ्री एंट्री योजना खत्म कर दी है। इसका मतलब साफ है — भारत अब उस सूची से बाहर हो गया है और भारतीय यात्रियों को अब Visa on Arrival (VOA) प्रक्रिया के तहत थाईलैंड में प्रवेश मिलेगा।
यह फैसला 19 मई 2026 को थाईलैंड कैबिनेट की मंजूरी के बाद सामने आया। सरकार ने साफ कहा है कि अब वह “One Country, One Visa Privilege” मॉडल अपनाएगी, यानी हर देश के लिए एक तय और स्पष्ट वीजा सुविधा होगी। थाईलैंड का कहना है कि पुराने नियमों में कई तरह की भ्रम की स्थिति थी और कुछ मामलों में इन सुविधाओं के गलत इस्तेमाल की शिकायतें भी सामने आई थीं।
दरअसल, 60 दिन की वीजा-फ्री योजना शुरू करने का मकसद पर्यटन बढ़ाना था। लेकिन बाद में थाई अधिकारियों ने माना कि इस व्यवस्था के जरिए कुछ लोग अवैध काम, ओवरस्टे, फर्जी बिजनेस और दूसरे गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल पाए गए। इसके बाद सरकार ने पूरी वीजा प्रणाली की समीक्षा की और अब नया ढांचा लागू किया जा रहा है।
भारतीय यात्रियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यही है कि अब भारत Visa on Arrival सूची में डाल दिया गया है। यानी पहले जहां भारतीय पर्यटक बिना वीजा के लंबी अवधि तक थाईलैंड में रुक सकते थे, अब उन्हें एयरपोर्ट पर VOA प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
थाईलैंड के नए वीजा नियम: किस देश को कौन सी सुविधा?
30 दिन की वीजा-फ्री एंट्री (Phor 30) – 54 देश
- Australia
- Ukraine
- Israel
- Malaysia
- Singapore
- Taiwan
- Austria
- Finland
- Italy
- Netherlands
- Slovakia
- Turkey
- Bahrain
- France
- Japan
- New Zealand
- Slovenia
- Fiji
- Belgium
- Georgia
- Jordan
- Norway
- Saudi Arabia
- Spain
- Bhutan
- Germany
- Kuwait
- Oman
- South Africa
- Brunei
- Greece
- Kyrgyzstan
- Philippines
- United States
- Canada
- Hungary
- Latvia
- Poland
- Sweden
- Czechia
- Iceland
- Liechtenstein
- Portugal
- Switzerland
- Denmark
- Indonesia
- Lithuania
- Qatar
- United Arab Emirates
- Estonia
- Ireland
- Luxembourg
- Romania
- United Kingdom
15 दिन की वीजा-फ्री एंट्री (Phor 15) – 3 देश
- Seychelles
- Maldives
- Mauritius
Visa on Arrival (VOA) – 4 देश
- Azerbaijan
- Belarus
- Serbia
- India
यानी भारत अब इसी श्रेणी में है।
90 दिन की Reciprocal Visa Exemption (Phor Phor 90) – 5 देश
- Argentina
- Peru
- Chile
- Brazil
- South Korea
30 दिन की Reciprocal Visa Exemption (Phor Phor 30)
- China
- Hong Kong
- Russia
- Laos
- Macau
- Timor-Leste
- Kazakhstan
14 दिन की Reciprocal Visa Exemption (Phor Phor 14)
- Cambodia
- Myanmar (Air entry only)
थाईलैंड वीजा नियम में यह बदलाव सिर्फ कागजी सुधार नहीं है, बल्कि इसका असर पर्यटन बाजार पर भी पड़ सकता है। भारत थाईलैंड के लिए बड़ा पर्यटन स्रोत है। हर साल लाखों भारतीय बैंकॉक, पटाया, फुकेत और क्राबी जैसे शहरों की यात्रा करते हैं। ऐसे में भारतीय ट्रैवल एजेंसियां और टूर ऑपरेटर्स इस फैसले को काफी अहम मान रहे हैं।
हालांकि थाई सरकार ने यह भी साफ किया है कि जो लोग पुराने नियमों के तहत पहले ही थाईलैंड में प्रवेश कर चुके हैं, वे अपनी मौजूदा अनुमति अवधि खत्म होने तक वहां रह सकेंगे। नए नियम Royal Gazette में प्रकाशित होने के 15 दिन बाद लागू होंगे।
यात्रा विशेषज्ञों का कहना है कि थाईलैंड वीजा नियम में इस बदलाव से भारतीय पर्यटकों को यात्रा से पहले ज्यादा तैयारी करनी होगी। पहले जहां लंबी वीजा-फ्री स्टे आसान थी, अब एंट्री प्रक्रिया बदलने से ट्रैवल प्लानिंग पर असर पड़ सकता है।
थाईलैंड का यह कदम साफ संकेत देता है कि अब सरकार सिर्फ ज्यादा पर्यटक लाने की रणनीति पर नहीं, बल्कि नियंत्रित और व्यवस्थित पर्यटन नीति पर फोकस कर रही है। भारतीय यात्रियों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी बात यही है कि थाईलैंड जाने से पहले नए थाईलैंड वीजा नियम को अच्छी तरह समझ लें।



