हिंदी टाइपिंग परीक्षा और वेतनवृद्धि पर हाईकोर्ट का आदेश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हिंदी टाइपिंग परीक्षा आयोजित नहीं होने के कारण कर्मचारी की वेतनवृद्धि रोकने से जुड़े मामले में राहत दी है। अदालत ने कहा कि जब विभाग स्वयं परीक्षा आयोजित नहीं करता, तो कर्मचारी को उस अवधि की वेतनवृद्धि से वंचित नहीं किया जा सकता। यह आदेश संबंधित कर्मचारी के मामले में दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, रायपुर स्थित पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (मंत्रालयीन) एल. वेंकट सत्यनारायण की नियुक्ति जनवरी 2020 में अनुकंपा आधार पर हुई थी। हिंदी टाइपिंग परीक्षा पास न होने के आधार पर उनकी वेतनवृद्धि रोकी गई थी, जबकि विभाग ने परीक्षा आयोजित नहीं की थी।
हाईकोर्ट ने पूर्व निर्णय का उल्लेख करते हुए संबंधित विभाग को आदेश की प्रति मिलने के तीन महीने के भीतर वेतन पुनर्निर्धारित कर देय वित्तीय लाभ देने के निर्देश दिए। आगे की वेतनवृद्धि और नियमितीकरण से जुड़े लाभों के लिए लागू नियमों के अनुसार परीक्षा उत्तीर्ण करने की शर्त बनी रह सकती है।
यह फैसला संबंधित याचिकाकर्ता के मामले में है; इसे सभी कर्मचारियों पर स्वतः लागू होने वाला सामान्य आदेश नहीं माना जाना चाहिए।
हाईकोर्ट के निर्देश
- संबंधित कर्मचारी के वेतन की पुनर्गणना की जाए।
- देय वित्तीय लाभ आदेश की प्रति मिलने के तीन महीने के भीतर दिए जाएं।
- आगे की सेवा संबंधी शर्तें लागू नियमों के अधीन रहेंगी।
क्या यह आदेश सभी कर्मचारियों पर लागू होगा?
यह आदेश संबंधित याचिकाकर्ता के मामले में है। दूसरे कर्मचारियों पर इसका प्रभाव उनके तथ्यों, सेवा नियमों और लागू आदेशों पर निर्भर करेगा।
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स्रोत: 22 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित न्यायालयीन रिपोर्ट।




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