शिक्षा विभाग की जांच में छात्र को मानसिक परेशानी और स्कूल जाने का डर होने का उल्लेख किया गया। पुलिस ने जांच रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
रायपुर। रायपुर जिले के पटेवा स्थित एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र के बाल काटने के मामले में पुलिस ने प्राचार्य पल्लवी मरार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, घटना के समय छात्र के लंबे बालों की चोटी बनाकर कैंची से काटे जाने की शिकायत परिवार ने की थी। मामला अब किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम के तहत दर्ज कर जांच में लिया गया है।
शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने कराई जांच
परिवार की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच कराई। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच दल ने 31 जुलाई 2026 को स्कूल का निरीक्षण किया और छात्र, उसके माता-पिता, प्राचार्य तथा संबंधित शिक्षकों के बयान दर्ज किए। जांच में चिकित्सा दस्तावेजों का भी परीक्षण किया गया। उपलब्ध रिपोर्ट में छात्र को मानसिक संताप और शारीरिक असुविधा होने का उल्लेख है।
प्रकाशित विवरण के अनुसार, घटना 15 अक्टूबर 2025 की बताई गई है। शिकायत में आरोप है कि स्कूल में अनुशासन बनाए रखने के नाम पर छात्र के बाल काटे गए। इसके बाद बच्चा स्कूल जाने से कतराने लगा और बाद में उसे दूसरे स्कूल में प्रवेश दिलाया गया।
शिक्षक ने शारीरिक दंड देने से किया इनकार
जांच के दौरान प्राचार्य ने बच्चों के बाल व्यवस्थित कराने की बात स्वीकार की, जबकि गणित शिक्षक ने छात्र को शारीरिक दंड देने के आरोप से इनकार किया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि छात्र ने गृहकार्य पूरा न होने पर शिक्षक द्वारा कान मरोड़ने का आरोप लगाया था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जिम्मेदारी का निर्धारण पुलिस जांच तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया में होगा।
किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला
रिपोर्ट के अनुसार, गोबरा नवापारा पुलिस ने किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 75 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की है। यह धारा बच्चे के प्रति क्रूरता से संबंधित है। प्राथमिकी दर्ज होना आरोपों का अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं है। मामले में सभी संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध दस्तावेज जांच का हिस्सा होंगे।
यह मामला स्कूलों में अनुशासन के तरीकों, बच्चों की गरिमा और शिकायतों के समयबद्ध निपटारे को लेकर सवाल उठाता है। जांच पूरी होने और पुलिस की आगे की कार्रवाई के बाद ही मामले की अगली स्थिति स्पष्ट होगी। प्रकाशित रिपोर्ट में दर्ज विवरण के आधार पर खबर तैयार की गई है।



