ओडिशा के कंधमाल–गंजाम सीमा क्षेत्र में हाल ही में हुई माओवादी मुठभेड़ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। ओडिशा पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से बरामद चार माओवादी कैडरों के शवों की पहचान की पुष्टि कर दी है। इस मुठभेड़ में प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन के केंद्रीय समिति सदस्य और ओडिशा में संगठन के शीर्ष नेता गणेश उइके सहित कुल चार माओवादी निष्प्रभावी किए गए थे।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने ओडिशा पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के हवाले से जानकारी दी कि गणेश उइके के अलावा जिन तीन अन्य माओवादी कैडरों की पहचान हुई है, उनके नाम रजनी, उमेश और सीमा हैं। ये तीनों सीपीआई (माओवादी) की ओडिशा स्टेट कमेटी के सक्रिय पार्टी सदस्य थे और प्रत्येक पर ₹1 लाख 65 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित था। वहीं केंद्रीय समिति सदस्य गणेश उइके पर कुल ₹1.1 करोड़ का इनाम घोषित था, जिससे उसकी संगठन में अहम भूमिका का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आईजीपी ने बताया कि मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों द्वारा पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए। तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को दो इंसास राइफल, एक .303 राइफल और बड़ी संख्या में कारतूस मिले हैं। यह बरामदगी माओवादी नेटवर्क की सैन्य क्षमता और उनके हिंसक मंसूबों को उजागर करती है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मुठभेड़ माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि इसमें न केवल ओडिशा में संगठन का प्रमुख नेता मारा गया है, बल्कि स्टेट कमेटी के सक्रिय सदस्य भी निष्प्रभावी हुए हैं। इससे क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों में माओवादियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त कार्रवाई से आने वाले समय में माओवादी नेटवर्क को और कमजोर करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।



