जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को पुलिस ने ₹42.78 लाख की धोखाधड़ी और गबन के मामले में गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 9 जनवरी 2026 को जिला न्यायालय के आदेश के बाद की गई। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने के बाद विधायक को न्यायालय में पेश किया, जहां से उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि हुई।
मामले की जड़ें वर्ष 2015 से 2020 के बीच की हैं, जब बालेश्वर साहू जिला सहकारी समिति, बम्हनीडीह में प्रबंधक के पद पर पदस्थ थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि इसी दौरान उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए किसान राम कुमार शर्मा को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से ऋण लेने की सलाह दी। किसान की लगभग 50 एकड़ कृषि भूमि के आधार पर एचडीएफसी बैंक, चांपा में खाता खुलवाया गया।
आरोप है कि खाता खुलवाने के बाद बालेश्वर साहू ने किसान से एक खाली चेक ले लिया। इसके बाद किसान के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान की कूटरचना कर उन्होंने अलग-अलग किस्तों में कुल ₹42.78 लाख की राशि निकाल ली। जांच में यह भी सामने आया कि इस रकम में से करीब ₹24 लाख सीधे बालेश्वर साहू और उनकी पत्नी के खातों में ट्रांसफर किए गए।
पीड़ित किसान की शिकायत पर 3 अक्टूबर 2025 को चांपा थाना में अपराध दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच के बाद मामला लंबित रहा, लेकिन लगातार शिकायतों और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच पुलिस ने जांच तेज की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत की, जिसके बाद जिला अदालत ने विधायक की गिरफ्तारी का आदेश जारी किया।
इस गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए यह मामला भारी राजनीतिक संकट बन गया है। विपक्षी दल भाजपा ने कांग्रेस पर भ्रष्ट नेताओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया है और मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और तेज़ सुनवाई हो। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह मामला केवल वित्तीय अपराध नहीं बल्कि किसानों के विश्वास के साथ किया गया धोखा है।
सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण का असर आने वाले समय में राज्य की राजनीति पर भी पड़ सकता है। निकाय चुनाव और अन्य राजनीतिक गतिविधियों से पहले एक निर्वाचित विधायक की गिरफ्तारी ने कांग्रेस की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
फिलहाल बालेश्वर साहू न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में हैं और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस घोटाले में किसी अन्य अधिकारी या बैंक कर्मी की भूमिका तो नहीं रही। मामले की अगली सुनवाई में कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



