बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग द्वारा सरकंडा एवं कोनी थाना का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बिलासपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह भी उपस्थित रहे। इस दौरान थानों की कार्यप्रणाली, अभिलेख संधारण, लंबित प्रकरणों की स्थिति और आम नागरिकों से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।
पुलिस महानिरीक्षक ने थानों में दर्ज अपराधों की विवेचना, शिकायतों के निराकरण की गति और पीड़ितों से व्यवहार की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि आम जनता के प्रति संवेदनशील और जनोन्मुखी पुलिसिंग को प्राथमिकता दी जाए। विशेष रूप से महिला, बालक और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान थानों के मालखाना, अभिलेख कक्ष, सीसीटीवी व्यवस्था और आगंतुक कक्ष का भी अवलोकन किया गया। पुलिस महानिरीक्षक ने थानों में स्वच्छता, रिकॉर्ड के अद्यतन रखरखाव और तकनीकी संसाधनों के समुचित उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही से ही पुलिस-जन विश्वास मजबूत होता है।
आईजी ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, गिरफ्तारी वारंटों के समयबद्ध निष्पादन और अपराध नियंत्रण के लिए नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से थाने के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए शिकायतों की समय-सीमा में जांच और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि थाना स्तर पर पुलिसिंग की गुणवत्ता सीधे जिले की कानून-व्यवस्था को प्रभावित करती है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सामुदायिक पुलिसिंग को भी मजबूत करने की बात कही।
पुलिस महानिरीक्षक ने अंत में अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों के निर्वहन में अनुशासन, निष्पक्षता और संवेदनशीलता बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार ही आम नागरिकों की पहली छवि बनाता है, इसलिए प्रत्येक कर्मचारी को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए।



