महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट पर 28 जनवरी 2026 को एक गंभीर विमान हादसा हुआ, जिसमें लियरजेट-45 श्रेणी का निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो क्रू मेंबर और तीन यात्री शामिल हैं, जिनमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री भी बताए गए हैं।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह विमान मुंबई–बारामती सेक्टर पर उड़ान भर रहा था और लैंडिंग के दौरान दुर्घटना का शिकार हुआ। विमान का पंजीकरण क्रमांक वीटी-एसएसके था और इसका संचालन वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा था, जो एक नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर के रूप में पंजीकृत है।
डीजीसीए के अनुसार, बारामती एक अनियंत्रित एयरफील्ड है, जहां ट्रैफिक संबंधी जानकारी स्थानीय फ्लाइंग ट्रेनिंग संगठन के पायलट या प्रशिक्षकों द्वारा दी जाती है। हादसे वाले दिन विमान ने सुबह 8 बजकर 18 मिनट पर बारामती से संपर्क स्थापित किया था। इसके बाद 30 नॉटिकल माइल दूरी पर विमान को पुणे अप्रोच से रिलीज किया गया और दृश्य मौसम परिस्थितियों में उतरने की अनुमति दी गई।
क्रू ने हवा और दृश्यता की जानकारी मांगी थी, जिस पर उन्हें हवा शांत और दृश्यता लगभग 3000 मीटर होने की सूचना दी गई। विमान ने रनवे-11 पर फाइनल अप्रोच की सूचना दी, लेकिन रनवे दिखाई न देने के कारण गो-अराउंड किया गया। इसके बाद दूसरी बार फाइनल अप्रोच के दौरान क्रू ने पहले रनवे न दिखने और फिर कुछ क्षण बाद रनवे दिखने की सूचना दी।
सुबह 8 बजकर 43 मिनट पर रनवे-11 पर लैंडिंग की अनुमति दी गई, लेकिन इसका कोई रीड-बैक प्राप्त नहीं हुआ। अगले ही मिनट एयर ट्रैफिक सेवाओं ने रनवे के पास आग की लपटें देखीं, जिसके बाद आपात सेवाओं को तत्काल घटनास्थल पर भेजा गया। विमान का मलबा रनवे-11 के थ्रेशहोल्ड के पास बाईं ओर पाया गया।
दुर्घटनाग्रस्त विमान वर्ष 2010 में निर्मित था और इसके सभी प्रमाणपत्र वैध थे। विमान और उसके इंजनों के उड़ान घंटे निर्धारित सीमाओं के भीतर बताए गए हैं। चालक दल के दोनों सदस्यों के पास वैध लाइसेंस और मेडिकल प्रमाणपत्र थे।
हादसे की जांच अब विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो द्वारा की जा रही है। एएआईबी के महानिदेशक स्वयं घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। डीजीसीए ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।



