देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के बीच समन्वित अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के 20 परिसरों ने PARC (Pan-AIIMS Research Consortium) समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता जनवरी 2026 में AIIMS Delhi में आयोजित सभी AIIMS निदेशकों की बैठक के दौरान संपन्न हुआ। इस पहल में छत्तीसगढ़ के AIIMS Raipur और AIIMS Bilaspur भी शामिल हैं।
समझौता ज्ञापन के तहत देशभर के AIIMS संस्थान अब एक साझा शोध मंच के अंतर्गत कार्य करेंगे। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से जुड़े जैव-चिकित्सा और क्लीनिकल अनुसंधान को सुदृढ़ करना, बहु-संस्थागत अध्ययनों और क्लीनिकल ट्रायल्स को सक्षम बनाना तथा अनुसंधान से जुड़े डेटा और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का साझा उपयोग सुनिश्चित करना है।
इस समझौते के माध्यम से कैंसर, संक्रामक रोग, किफायती स्वास्थ्य समाधान, डिजिटल हेल्थ और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर संयुक्त शोध परियोजनाएं संचालित की जा सकेंगी। अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों से प्राप्त रोगियों के डेटा को एकीकृत करने से शोध निष्कर्ष अधिक सटीक और व्यापक होंगे, जिससे साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में सहायता मिलेगी।
PARC के अंतर्गत शोधकर्ताओं, फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों के लिए विभिन्न AIIMS परिसरों के बीच आदान-प्रदान की व्यवस्था भी की गई है। इससे संस्थानों के बीच विशेषज्ञता साझा करने और क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, एकीकृत शोध ढांचे के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाह्य वित्त पोषण प्राप्त करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
इस राष्ट्रीय शोध सहयोग में AIIMS दिल्ली के साथ-साथ रायपुर, भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, ऋषिकेश, नागपुर, बठिंडा, बिलासपुर, बिबीनगर, देवघर, गोरखपुर, गुवाहाटी, जम्मू, कल्याणी, मदुरै, मंगलगिरी, रायबरेली और राजकोट के AIIMS परिसर शामिल हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह पहल AIIMS संस्थानों को सामूहिक रूप से राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर एक मजबूत शोध शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। समझौते के क्रियान्वयन के बाद आने वाले समय में बहु-केंद्रित क्लीनिकल ट्रायल्स और नवाचार आधारित अनुसंधान गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।



