कोरबा जिले में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को चिल्हर गांजा तस्करी के मामलों में सफलता मिली है। एंड टू एंड जांच के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान कुल लगभग 1.583 किलोग्राम गांजा और बिक्री से प्राप्त नकद राशि जब्त की गई है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में गांजा की चिल्हर बिक्री की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद निगरानी बढ़ाई गई थी। इसी क्रम में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस टीमों ने चिन्हित स्थानों पर कार्रवाई की। जांच के दौरान केजा बाई पति छेदी खांडे के कब्जे से 200 ग्राम गांजा और ₹240 की बिक्री रकम बरामद की गई। वहीं जाहिरन बी पति हारून खान से 220 ग्राम गांजा और ₹640 नकद जब्त किया गया।
इसके अलावा, पुलिस ने राजू दास मानिकपुरी पिता अर्जुन दास मानिकपुरी को 570 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया। एक अन्य आरोपी मन्नू यादव पिता महेश यादव के पास से 593 ग्राम गांजा बरामद हुआ। सभी आरोपी अलग-अलग स्थानों पर चिल्हर स्तर पर गांजा बेचने की गतिविधियों में संलिप्त पाए गए।
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि गांजा की सप्लाई चेन को पूरी तरह से खंगालने के लिए आगे की जांच जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, चिल्हर स्तर पर गांजा की बिक्री युवाओं और समाज के लिए गंभीर खतरा बन रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को और सख्त किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास नशे से जुड़ी किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि जनसहयोग से ही नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।



