रायपुर जिले में ऑनलाइन सट्टा संचालन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 8 जनवरी 2025 को थाना गंज क्षेत्र अंतर्गत पाठक हॉस्पिटल रोड स्थित सिंधु भवन पार्किंग के पास की गई, जहां एक चारपहिया वाहन में बैठकर ऑनलाइन बैटिंग संचालित की जा रही थी। पुलिस को सूचना मिलने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध हुंडई टक्सन कार को घेराबंदी कर पकड़ा।
कार में सवार चार युवकों ने पूछताछ में अपने नाम रितेश गोविंदानी, मोहम्मद अख्तर, विक्रम राजकोरी और सागर पिंजानी बताए। पुलिस द्वारा की गई तकनीकी जांच में आरोपियों के पास मौजूद लैपटॉप और मोबाइल फोन में Allpanelexch.com, Power7777.com, Powerexch.com और Classicexch99.com जैसी ऑनलाइन बैटिंग वेबसाइटों की मास्टर आईडी और यूजर आईडी के माध्यम से सट्टा संचालित करने के प्रमाण मिले।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रितेश गोविंदानी और सागर पिंजानी ऑनलाइन सट्टा खेलने वालों को मास्टर आईडी उपलब्ध कराते थे, जबकि मोहम्मद अख्तर और विक्रम राजकोरी ग्राहकों को अलग-अलग बैटिंग साइट्स की आईडी कमीशन के आधार पर उपलब्ध कराते थे। सभी आरोपी आपस में मिलकर संगठित रूप से ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क चला रहे थे और इससे अवैध रूप से भारी मुनाफा कमा रहे थे।

कार की तलाशी के दौरान पुलिस ने 50 लाख 35 हजार रुपये नकद, 2 लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, हुंडई टक्सन कार, पासपोर्ट, एटीएम कार्ड, चेक बुक और एक कैलकुलेटर जब्त किया। जब्त किए गए मशरूका की कुल कीमत लगभग 80 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में जमा करोड़ों रुपये की राशि को भी होल्ड कराया है, ताकि अवैध लेन-देन की विस्तृत जांच की जा सके।
पुलिस के अनुसार आरोपी रितेश गोविंदानी और विक्रम राजकोरी पूर्व में भी अलग-अलग आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। इस आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क के पुराने लिंक और अन्य संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है।
चारों आरोपियों के खिलाफ थाना गंज में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7, भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टा और अवैध बैटिंग नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ऑनलाइन सट्टा या अवैध बैटिंग गतिविधियों से दूर रहें और इस तरह की गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।



