छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के डुटकैय्या गांव में रविवार को हुई भीड़ हिंसा के मामले में पुलिस ने तीन युवकों आरिफ कुरैशी, सलीम खान और इमरान सिद्दीकी को नामजद किया है। यह मामला गांव में दिनभर चले हमलों, लूटपाट और अल्पसंख्यक समुदाय के घरों को निशाना बनाए जाने से जुड़ा है। घटना गरियाबंद थाना क्षेत्र अंतर्गत डुटकैय्या गांव की है, जहां रविवार सुबह अलग-अलग स्थानों पर मारपीट और मोबाइल लूट की शिकायतें सामने आई थीं।
पुलिस के अनुसार, रविवार को सुबह चार अलग-अलग स्थानों पर लोगों के साथ मारपीट की गई और उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए। इसके बाद दोपहर से रात करीब 11:30 बजे तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रही। इसी दौरान दर्जनों ग्रामीणों की भीड़ ने अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े छह घरों पर हमला किया। गांव में कुल लगभग 100 परिवार रहते हैं, जिनमें से 10 परिवार अल्पसंख्यक समुदाय के बताए गए हैं।
पीड़ित महिलाओं ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि भीड़ ने बच्चों की मौजूदगी के बावजूद घरों को नहीं बख्शा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने घरों में घुसकर धमकियां दीं और कुछ मामलों में यौन हिंसा की धमकी भी दी गई। एक महिला ने बताया कि भीड़ ने गैस सिलेंडर की मदद से उनके घर का दरवाजा तोड़ा, उनके पति को लोहे की रॉड से पीटा गया और उनके सामने ही उन्हें घसीटने की कोशिश की गई। पीड़िता के अनुसार, घर में रखे सामान को लूटा गया और बाद में आग लगा दी गई, जबकि बाहर खड़े वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया गया।
एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि भीड़ ने उन्हें और उनकी नाबालिग बेटी को जबरन बाहर खींचने का प्रयास किया। विरोध करने पर उनके पति पर चाकू से हमला किया गया। पीड़ितों का कहना है कि सड़क पर अवरोध लगाए जाने के कारण पुलिस को मौके तक पहुंचने में करीब चार घंटे का समय लगा, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।
गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने बताया कि मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इनमें से कुछ आरोपियों पर पुलिस पर हमला करने के आरोप भी लगे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक जांच में हमलावर स्थानीय ग्रामीण पाए गए हैं और किसी भी बाहरी या दक्षिणपंथी संगठन की संलिप्तता के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
पुलिस ने गांव में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। मामले में दर्ज प्रकरणों की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।



