छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से इंसानियत और सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहां ITBP के जवानों और नारायणपुर पुलिस ने मिलकर एक गर्भवती महिला की जान बचाई। यह घटना 27 मार्च 2026 की है, जब इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान के सुदूर ग्राम बोटेर में रहने वाली महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई और समय पर अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी हो गया।
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सड़क सुविधाओं के अभाव के कारण स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी। ऐसे में ITBP जवानों और पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जवानों ने महिला को स्ट्रेचर पर लेटाकर लगभग 5 किलोमीटर तक कठिन और ऊबड़-खाबड़ जंगल के रास्ते पैदल तय किया।
इस पूरे अभियान में जवानों का साहस, समर्पण और मानवता स्पष्ट रूप से नजर आई। कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीम ने हार नहीं मानी और महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज मिलने से मां और शिशु दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
यह घटना न केवल सुरक्षा बलों के कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि वे केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मानव सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने इस सराहनीय कार्य के लिए ITBP और नारायणपुर पुलिस की जमकर प्रशंसा की है। यह घटना बस्तर क्षेत्र में सेवा और संवेदनशीलता की एक मिसाल बनकर उभरी है, जो यह बताती है कि कठिन परिस्थितियों में भी इंसानियत सबसे ऊपर होती है।


