रायगढ़ जिले में फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट के नाम पर संचालित साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पुलिस ने खुलासा करते हुए 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 14 अप्रैल को थाना साइबर पुलिस द्वारा की गई, जिसमें निधि परिवहन केन्द्र और श्रीमती शांति देवी शिक्षा सोसायटी केंद्र के नाम पर चल रही अवैध गतिविधियों का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लोक सेवा केंद्र की आड़ में कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। आरोपी यूट्यूब चैनल, फर्जी प्रोफाइल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर देशभर के लोगों को झांसे में लेते थे। इसके बाद शादी का प्रस्ताव और अन्य बहानों से संपर्क कर उनसे पैसे वसूले जाते थे। पुलिस के अनुसार इस गिरोह ने अब तक 7,693 लोगों से करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपये की ठगी की है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 55 मोबाइल फोन और 13 लैपटॉप सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन उपकरणों में ठगी से जुड़े डिजिटल साक्ष्य, चैट और लेन-देन के रिकॉर्ड मिले हैं, जिनके आधार पर पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भी पहचान कर रही है।
गिरोह में दो मुख्य संचालक सहित कई युवक-युवतियां शामिल थीं, जो अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर रहे थे। कुछ आरोपी कॉलिंग का काम करते थे, जबकि अन्य फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को भरोसे में लेते थे। यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से संचालित हो रहा था, जिसमें तकनीकी साधनों का व्यापक उपयोग किया जा रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में आगे भी जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि ठगी की रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई और किन खातों का उपयोग किया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि रायगढ़ पुलिस ने पेशेवर तरीके से इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति से सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।


