तहसील भाटापारा अंतर्गत ग्राम बकुलाही में स्थित मेसर्स रियल इस्पात एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के कारखाना परिसर में 22 जनवरी 2026 को हुई भीषण औद्योगिक दुर्घटना के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर कारखाना प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा जारी आदेश के अनुसार गंभीर दुर्घटना की जांच के दौरान कारखाना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 के कई प्रावधानों के उल्लंघन पाए गए हैं। जांच में सामने आया है कि कारखाना प्रबंधन ने किल्न क्रमांक-01 का विधिवत शटडाउन किए बिना संचालन जारी रखा और श्रमिकों तथा कर्मचारियों से जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य कराया गया। कार्यस्थल पर आवश्यक सुरक्षा उपायों और सुरक्षित कार्यप्रणालियों का पालन नहीं किया गया, जिससे श्रमिकों के जीवन को गंभीर खतरे में डाला गया।
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के भीतर जमे हुए गर्म ऐश को वेट स्क्रैपर में गिराने के कार्य के दौरान आवश्यक कार्य अनुमति जारी नहीं की गई। इसके अलावा, नवनियुक्त श्रमिकों को बिना विधिवत अनुमति के डस्ट सेटलिंग चेंबर जैसे खतरनाक कार्यस्थल में लगाया गया, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया है।
रिपोर्ट के अनुसार कारखाना प्रबंधन द्वारा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से वाणिज्यिक उत्पादन की अनुमति भी प्राप्त नहीं की गई थी, जो राज्य की उद्योग नीति के विरुद्ध है। इसके साथ ही न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत श्रमिकों के वेतन और अन्य सुविधाओं से संबंधित अनिवार्य पंजी उपलब्ध नहीं कराए गए। संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के तहत निर्धारित प्रावधानों का भी पालन नहीं किया गया। जांच में पाया गया कि कारखाना परिसर में दो ठेकेदारों के माध्यम से 100 से अधिक श्रमिकों से कार्य लिया जा रहा था, इसके बावजूद आवश्यक अनुज्ञप्ति प्राप्त नहीं की गई। अंतराज्यीय प्रवासी श्रमिक अधिनियम 1979 के तहत भी बिना लाइसेंस लिए श्रमिकों को नियोजित किया गया, जो नियमों का उल्लंघन है।
प्रशासन के अनुसार दुर्घटना में मृत छह श्रमिकों में से पांच के परिजनों को कारखाना प्रबंधन द्वारा 20-20 लाख रुपये तथा छह घायल श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है। घायल श्रमिकों का उपचार बिलासपुर में जारी है।
उल्लेखनीय है कि 22 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 9.40 बजे किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के द्वितीय तल पर कार्य के दौरान अचानक विस्फोट हुआ था, जिसके बाद गर्म ऐश की बौछार से मौके पर ही छह श्रमिकों की मृत्यु हो गई थी और पांच श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्रारंभिक जांच के बाद कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 40(2) के तहत किल्न क्रमांक-01 के संचालन और सभी मेंटेनेंस कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है।



