बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हंसपुर में अवैध बाक्साइट उत्खनन पर की गई प्रशासनिक कार्रवाई अब गंभीर आपराधिक प्रकरण में बदल गई है। 15 फरवरी 2026 की देर शाम जंगल क्षेत्र में तीन ग्रामीणों के साथ कथित मारपीट की सूचना के बाद मामला प्रकाश में आया।
घटना में घायल ग्रामीणों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां 62 वर्षीय राम उर्फ रामनरेश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृत्यु की पुष्टि होते ही थाना कोरंधा में मर्ग दर्ज कर पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच प्रारंभ की।
पुलिस द्वारा की गई विवेचना के दौरान आहतों, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान एवं घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि अवैध उत्खनन पर कार्रवाई के लिए पहुंचे अधिकारियों एवं उनके साथ मौजूद व्यक्तियों द्वारा ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई थी। इसी कथित मारपीट में गंभीर रूप से घायल रामनरेश की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 115(2) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले में प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम कुसमी करूण डहरिया सहित विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव एवं सुदीप यादव को पुलिस ने हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।
हंसपुर की यह घटना प्रशासनिक कार्रवाई एवं विधि-व्यवस्था की सीमाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अवैध खनन पर सख्ती शासन की प्राथमिकताओं में शामिल रही है, किंतु किसी भी कार्रवाई में कानून सम्मत प्रक्रिया एवं मानवाधिकारों का पालन सर्वोपरि माना जाता है। इस प्रकरण के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा और बहस तेज हो गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य एवं अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद मामले से जुड़े तथ्यों की और स्पष्टता सामने आएगी। जांच के दौरान प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर आवश्यकतानुसार अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
फिलहाल पूरे प्रकरण की विवेचना जारी है। घटना के कानूनी एवं प्रशासनिक पहलुओं पर सभी की नजरें टिकी हैं, जबकि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से मामले की वास्तविक परिस्थितियों का निर्धारण किया जाएगा।



