कांकेर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच माचपल्ली जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ हुई, जिसमें एसीएम रैंक की महिला नक्सली रंगाबोइना भाग्या उर्फ रूपी को मार गिराया गया। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर की गई, जिसमें जवानों ने जवाबी फायरिंग करते हुए इनामी नक्सली को ढेर किया। रूपी पर 4 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से सक्रिय माओवादी कैडर में शामिल थी।
पुलिस के मुताबिक सुरक्षाबल निर्धारित अभियान के तहत माचपल्ली–आरामझोरा–हिडूर क्षेत्र में सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू की, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए कार्रवाई की। मुठभेड़ के बाद क्षेत्र की तलाशी के दौरान रूपी का शव बरामद किया गया। उसके पास से पिस्टल, गोला-बारूद और अन्य नक्सली सामग्री भी जब्त की गई है।
जानकारी के अनुसार रूपी माओवादी संगठन में पिछले लगभग 24 वर्षों से सक्रिय थी और बस्तर क्षेत्र में बड़े कैडर की अंतिम सक्रिय महिला सदस्य मानी जा रही थी। वह माड़ डिवीजन में सक्रिय तेलुगू महिला कैडर के रूप में भी चिन्हित थी। पुलिस के अनुसार वह डीकेएसजेडसी सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी, जो वर्ष 2025 में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में हुई मुठभेड़ में मारा गया था।
कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधि की सूचना पर संयुक्त बल द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया गया था, जिसके दौरान यह मुठभेड़ हुई। घटना के बाद भी आसपास के इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और अन्य नक्सलियों की तलाश की जा रही है।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि लगातार अभियान और अपील के चलते कई नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं, हालांकि कुछ कैडर अब भी सक्रिय हैं। उन्होंने शेष नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन अपनाने की अपील की है।


