रायपुर — राजधानी रायपुर में वारंट तामिली अभियान के तहत पुलिस ने कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और सूदखोर के रूप में चर्चित रोहित सिंह तोमर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई न्यायालय से जारी स्थाई वारंट के आधार पर की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डीसीपी सेंट्रल ज़ोन के निर्देशन में सभी थाना क्षेत्रों में वारंट तामिली अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत विगत एक सप्ताह में गंभीर और संवेदनशील मामलों से जुड़े कुल 26 स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। रोहित तोमर की गिरफ्तारी को इसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2019 में कोतवाली थाने में रोहित तोमर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 327, 384 और 506 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। मामले में आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। न्यायालय द्वारा स्थाई वारंट जारी किए जाने के बाद कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
रोहित तोमर और उसके भाई विरेंद्र तोमर के खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में कई गंभीर मामलों में अपराध दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। इस बीच तेलीबांधा थाने में दर्ज एक अन्य मारपीट के मामले में रोहित तोमर की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इसी कारण हाल ही में आरोपी के रायपुर न्यायालय पहुंचने के बावजूद तेलीबांधा पुलिस ने उसे उस प्रकरण में गिरफ्तार नहीं किया था।
हालांकि, कोतवाली थाने में दर्ज मामले में आरोपी फरार घोषित था और स्थाई वारंट प्रभावी था, जिसके चलते पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की।
रोहित तोमर की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में पुलिस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। वारंट तामिली अभियान के तहत लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बीच कुछ लोग चयनात्मक सख्ती को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विशेष रूप से कुछ चर्चित नामों के संदर्भ में पुलिस की कार्यप्रणाली पर टिप्पणियाँ भी देखने को मिल रही हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी गिरफ्तारी या कार्रवाई का आधार न्यायालयीन आदेश, साक्ष्य और लागू विधिक प्रक्रिया होती है। वहीं प्रशासनिक हलकों में यह तर्क दिया जा रहा है कि वारंट तामिली अभियान का उद्देश्य लंबित मामलों में फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाना है।
फिलहाल रोहित तोमर से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और न्यायालय से जारी वारंटों की तामिली प्राथमिकता पर की जाएगी।


